बरेली। नगर निगम के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित सेवा संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए मंगलवार को विशेष कैंप लगाया गया। इसमें पेंशन, उपादान, एसीपी, ऑडिट आपत्ति, विभागीय कार्रवाई और मृतक आश्रित नियुक्ति से जुड़े प्रकरणों पर सुनवाई और नियमानुसार कार्रवाई की व्यवस्था की गई।
छह अक्टूबर को आयोजित कैंप का उद्देश्य कर्मचारियों को अपनी सेवा संबंधी समस्याएं एक ही स्थान पर रखने का अवसर देना था। इसके लिए कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लंबित मामलों के संबंध में आवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया था। संबंधित विभागों के रिकॉर्ड के आधार पर प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट करने और निस्तारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
पेंशन और देयकों से जुड़े मामले प्राथमिकता पर
कैंप में पेंशन, उपादान और अन्य देयकों से जुड़े लंबित प्रकरणों को शामिल किया गया। एसीपी और ऑडिट आपत्तियों के कारण अटके मामलों पर भी कार्रवाई की व्यवस्था रखी गई। दस्तावेजों अथवा विभागीय प्रक्रिया के चलते लंबित मामलों में जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराकर भुगतान की राह आसान करना आयोजन का प्रमुख उद्देश्य रहा। मृतक आश्रित नियुक्ति और लंबित विभागीय कार्रवाई से जुड़े मामलों को भी कैंप के दायरे में रखा गया। संबंधित कर्मचारियों और परिवारों को अपने प्रकरण की स्थिति जानने तथा आगे की प्रक्रिया के लिए आवेदन देने का अवसर उपलब्ध कराया गया।
विभागाध्यक्षों को रिकॉर्ड के साथ बुलाया गया
मामलों की सुनवाई के दौरान दस्तावेजों की कमी बाधा न बने, इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को संबंधित रिकॉर्ड और पूरी जानकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें अपने अधिष्ठान लिपिक और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को भी साथ लाने को कहा गया था। कैंप के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक का समय निर्धारित था। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कर्मचारियों के देयकों का समय से भुगतान और सेवा संबंधी प्रकरणों का निस्तारण नगर निगम की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से विशेष कैंप आयोजित किया गया। कर्मचारियों की समस्याओं का पारदर्शी तरीके से नियमानुसार त्वरित समाधान कराने पर जोर दिया गया है।