बरेली। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले शहर के 42 होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को नोटिस जारी किया है। विभागीय जांच में इन प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई से लेकर कर्मचारियों के हेल्थ सर्टिफिकेट और खाद्य पदार्थों के रखरखाव तक कई खामियां सामने आईं। सभी संचालकों को कमियां दूर कर 15 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच में कहीं गंदगी तो कहीं एक्सपायरी डेट की सामग्री
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने अभियान चलाकर शहर के प्रमुख होटल और रेस्टोरेंट की जांच की। इस दौरान 42 प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं मिला। कई स्थानों पर खाद्य पदार्थों के रखरखाव और साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं थी। कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से जुड़ी जरूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं मिली। जांच में कई कर्मचारियों के हेल्थ सर्टिफिकेट नहीं मिले, जबकि तमाम स्थानों पर कर्मचारी एप्रन पहने हुए नहीं थे। शाकाहारी और मांसाहारी कच्चे खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की व्यवस्था भी कई जगह नहीं मिली। इसके अलावा कुछ रेस्टोरेंट में दूध और सोयाबीन आदि से एलर्जी संबंधी सूचना प्रदर्शित नहीं की गई थी। पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली।
शहर के प्रमुख होटल-रेस्टोरेंट भी सूची
विभाग की कार्रवाई में शहर के कई प्रमुख होटल और रेस्टोरेंट शामिल हैं। इनमें फीनिक्स मॉल और आसपास संचालित प्रतिष्ठानों के साथ होटल रेडिसन, निर्वाणा, किप्स रामपुर रोड, बाजपेयी, दीपक स्वीट्स, चाइनीज एक्सप्रेस, मोती महल, पिंड बलूची, बजरंग ढाबा, आशीर्वाद रेस्टोरेंट, कासा डिवाइन और दरबार-ए-खास समेत अन्य प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है।
सुधार के लिए मिला 15 दिन का समय
खाद्य विभाग ने सभी 42 होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को कमियां दूर करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। इस अवधि में संचालकों को नोटिस का जवाब भी देना होगा। इसके बाद विभाग की टीम दोबारा सत्यापन कर सकती है। सुधार नहीं मिलने या जवाब न देने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय राहुल सिंह के अनुसार, रामाडा और कृष्णा रेस्टोरेंट के लाइसेंस निरस्त करने के साथ 42 रेस्टोरेंट को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी से 15 दिन में जवाब मांगा गया है। जवाब देने वालों के यहां सुधार का सत्यापन कराया जाएगा, जबकि जवाब न देने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।