बरेली। भोजीपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत दोहना पीतमराय में रेलवे की बंद पुलिया और पुराने नाले से पानी की निकासी बाधित होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इससे सैकड़ों बीघा कृषि भूमि में पानी भरने और किसानों की धान व गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। गांव की मुख्य सड़क और दोहना अंडरपास पर भी जलभराव से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
मिट्टी और घास से पट गया पुराना नाला
ग्रामीणों के अनुसार, दोहना रेलवे स्टेशन से सिद्धिविनायक कॉलेज और रेलवे लाइन के बीच बरसाती पानी की निकासी के लिए पुराना नाला और पुलिया बनी हुई है। आरोप है कि मिट्टी और घास जमा होने से यह रास्ता बंद हो गया है। लगातार बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं हो पा रही है, जिससे खेतों में जलभराव बना हुआ है। दोहना अंडरपास में भी दो से तीन फीट तक पानी भरने की स्थिति पैदा हो रही है।
किसानों की फसलें बचाने की गुहार
ग्राम प्रधान अफरोज ने रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता, आईडब्ल्यूटी तथा मंडल रेल प्रबंधक को प्रार्थना पत्र देकर बंद पुलिया खुलवाने और पुराने नाले की सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पानी की निकासी नहीं होने से किसानों की मेहनत पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि पुलिया खुलवाने के प्रयास के दौरान कुछ लोगों ने बाधा डाली। इस मामले में उपजिलाधिकारी सदर को भी प्रार्थना पत्र दिया गया है।
रेलवे की संपत्ति को भी नुकसान की आशंका
जलभराव का असर केवल कृषि भूमि तक सीमित नहीं है। अंडरपास में पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क और रेलवे से जुड़ी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों ने नाले और पुलिया की सफाई के साथ पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।
रेलवे ने जल्द समाधान का दिया भरोसा
रेलवे के आई डब्ल्यू पी का कहना है कि संबंधित सड़क रेलवे की है और सड़क से दो मीटर तक की भूमि भी रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आती है। समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन कब तक नाले और पुलिया की सफाई कराकर जलनिकासी बहाल करता है, ताकि किसानों की फसलों को और नुकसान से बचाया जा सके।