बरेली। बहेड़ी क्षेत्र में केसर शुगर मिल के समीप रेलवे क्रॉसिंग संख्या 28 पर ओवरब्रिज बनाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री एवं पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, रेल मंत्रालय ने परियोजना के लिए 47.91 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। क्षेत्र के लोग लंबे समय से यहां ओवरब्रिज बनाने की मांग कर रहे थे। इसके निर्माण से बहेड़ी और आसपास के गांवों के लोगों का आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।
केसर शुगर मिल के पास स्थित यह क्रॉसिंग स्थानीय लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। फाटक बंद होते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इससे विद्यार्थियों, व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों को परेशानी होती है। अस्पताल और अन्य जरूरी कामों से निकलने वाले लोग भी जाम में फंस जाते हैं।
पेराई सत्र में गन्ना किसानों को होती है परेशानी
पेराई सत्र के दौरान बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गन्ना लेकर केसर शुगर मिल पहुंचते हैं। रेलवे फाटक बंद होने पर गन्ने से लदे वाहन कतारों में फंस जाते हैं। इससे किसानों का समय बर्बाद होता है और मिल तक गन्ना पहुंचाने में देरी होती है। ओवरब्रिज बनने के बाद किसानों को फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और गन्ना ढुलाई आसान होगी। ओवरब्रिज का फायदा मिल आने वाले किसानों के साथ आसपास के गांवों के लोगों को भी मिलेगा। बाजार, स्कूल, अस्पताल, तहसील और कार्यालय आने-जाने वालों के लिए रास्ता सुगम होगा। सड़क और रेल यातायात अलग होने से क्रॉसिंग पर वाहनों का दबाव घटने और आवागमन अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद है।
क्षेत्र की जरूरत पूरी करने की दिशा में अहम कदम
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि ओवरब्रिज की स्वीकृति बहेड़ी के नागरिकों और गन्ना किसानों की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इसके बनने से लोगों को रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। पेराई सत्र में गन्ना लेकर मिल आने वाले किसानों का आवागमन भी सुगम होगा। जितिन प्रसाद ने परियोजना की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र में जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। जारी जानकारी के मुताबिक, क्षेत्रवासियों, व्यापारियों और गन्ना किसानों ने भी मंजूरी पर खुशी जताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में निर्माण शुरू होने की तारीख और इसे पूरा करने की समयसीमा का उल्लेख नहीं है।