बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली क्लब मैदान में आयोजित शिक्षक सम्मेलन से समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सपा सरकार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री को शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के बीच अंतर तक नहीं पता था। उन्होंने कहा कि जब ऐसे लोग प्रदेश के शिक्षा मंत्री रहे हों, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस समय शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल रहा होगा। मुख्यमंत्री ने सपा पर माफिया, गुंडों और अपराधियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के समर्थन में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार के समय शिक्षा व्यवस्था को किस तरह चलाया जाता था, इसका एक उदाहरण ही काफी है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री पहुंचे थे। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मंत्री ने अपने संबोधन में राम प्रसाद बिस्मिल को उस्ताद बिस्मिल्लाह खां समझ लिया था। योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें देश के महान क्रांतिकारी और प्रसिद्ध शहनाई वादक के बीच अंतर नहीं मालूम, उनसे शिक्षा व्यवस्था सुधारने की क्या उम्मीद की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा के प्रति समझ, संवेदनशीलता और समर्पण होना जरूरी है।
सपा का रिश्ता शिक्षकों से नहीं, माफिया और गुंडों से रहा
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सपा का रिश्ता शिक्षित और सभ्य समाज से नहीं, बल्कि माफिया, गुंडों और अपराधियों से रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में गरीबों, किसानों और शिक्षकों को सम्मान देने के बजाय अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। मुख्यमंत्री आवास में माफिया और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को महत्व मिलता था। योगी ने कहा कि आज प्रदेश में माफिया के खिलाफ कार्रवाई होती है तो समाजवादी पार्टी को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करके उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया है।
पहले दंगे और कर्फ्यू, अब विकास की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और अपराध से होती थी। प्रदेश में असुरक्षा का माहौल था, जिससे शिक्षा, व्यापार और रोजगार प्रभावित होते थे। लेकिन वर्ष 2017 के बाद परिस्थितियां बदली हैं। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित माहौल में ही अच्छी शिक्षा, निवेश और रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं। प्रदेश सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
गुलाब देवी का उदाहरण देकर सपा को घेरा
मुख्यमंत्री ने वर्तमान माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्वयं शिक्षिका और प्रधानाचार्य रह चुकी हैं। उन्होंने शिक्षा जगत की समस्याओं को करीब से देखा और समझा है। यही वजह है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सही निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल नौकरी करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तैयार करने वाला युग निर्माता है।
बोले- नाम है हरि सिंह ढिल्लों, जब चाहे मिल लो
मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के समर्थन में शिक्षकों से मतदान की अपील की। इस दौरान उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘नाम है हरि सिंह ढिल्लों, जब चाहे मिल लो।’ मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर सम्मेलन में मौजूद लोगों ने उत्साह दिखाया। योगी ने कहा कि विधान परिषद में शिक्षकों की आवाज मजबूती से उठाने के लिए योग्य प्रतिनिधि का चुनाव जरूरी है। शिक्षकों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य समस्याओं के समाधान में विधान परिषद सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
23 अक्टूबर को मतदान करने की अपील
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से 23 अक्टूबर को अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन मतदाताओं को अवकाश मिलेगा, इसलिए सभी शिक्षक मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। उन्होंने मतपत्र भरने का तरीका बताते हुए कहा कि भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के नाम के सामने अंग्रेजी में अंक ‘1’ लिखें। मुख्यमंत्री ने उपस्थित शिक्षकों से हाथ उठवाकर समर्थन भी मांगा और भाजपा प्रत्याशी को भारी बहुमत से जिताने की अपील की।