बरेली। कैंट थाना क्षेत्र के कांधरपुर स्थित सेवाधाम वृद्धाश्रम में 85 वर्षीय बुजुर्ग का शव शौचालय में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान मंझा गांव निवासी रामनाथ के रूप में हुई। वह करीब आठ साल से वृद्धाश्रम में रह रहे थे। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मृतक की दोनों बेटियों ने अपने चचेरे भाई पर धोखाधड़ी कर पिता की जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। बेटियों का कहना है कि जमीन के मामले में धोखा मिलने के बाद से उनके पिता परेशान थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वृद्धाश्रम की प्रबंधक कांता गंगवार ने बताया कि रामनाथ दो जनवरी 2018 से सेवाधाम वृद्धाश्रम में रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी कला देवी और दो विवाहित बेटियां हैं। वह कभी-कभार अपने घर भी जाते थे। पिछले कुछ दिनों से वह परेशान चल रहे थे। रविवार रात खाना खाने के बाद वह अपने बिस्तर पर सोने चले गए थे, लेकिन सोमवार सुबह करीब छह बजे वह बिस्तर पर नहीं मिले। इसी दौरान वृद्धाश्रम में रहने वाले अन्य बुजुर्गों ने संचालक मरछू यादव को बताया कि एक शौचालय का दरवाजा काफी देर से अंदर से बंद है। संदेह होने पर दरवाजे को जोर से धक्का देकर खोला गया। अंदर रामनाथ का शव जंगले से धोती के सहारे लटका मिला। यह देखकर वृद्धाश्रम में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की।
नए कपड़े पहने थे, गले में पड़ी थी सत्संग की फूलमाला
घटना के समय रामनाथ एक दिन पहले लाए गए नए कपड़े पहने हुए थे। उनके गले में फूलों की माला भी पड़ी थी। बताया गया कि रविवार को वृद्धाश्रम में सत्संग का आयोजन हुआ था। इस दौरान रामनाथ को फूलमाला पहनाई गई थी, जो घटना के समय भी उनके गले में थी। सेवाधाम वृद्धाश्रम में रामनाथ के अलावा 134 अन्य बुजुर्ग रहते हैं। इनमें कई बुजुर्गों से उनकी अच्छी दोस्ती थी। एक बुजुर्ग ने बताया कि सात अक्तूबर को रामनाथ अपनी बड़ी बेटी से मिलने गए थे। आठ अक्तूबर को वह बैंक से वृद्धावस्था पेंशन लेने भी गए थे। उस समय उनके चेहरे पर किसी तरह की परेशानी नजर नहीं आ रही थी।
बेटियों का आरोप, चार दिन पहले धोखे से नाम करा ली जमीन
रामनाथ की बड़ी बेटी की शादी कांधरपुर में हुई है, जबकि छोटी बेटी बदायूं जिले के दातागंज में ब्याही है। पिता की मौत के बाद दोनों बेटियों ने अपने चचेरे भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि चचेरे भाई ने पिता को बहला-फुसलाकर उनकी कुछ जमीन अपने नाम करा ली थी। बेटियों का आरोप है कि करीब चार दिन पहले धोखाधड़ी कर जमीन अपने नाम कराई गई। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पिता को पूरी बात बताई। इसके बाद से रामनाथ काफी दुखी और परेशान रहने लगे थे। बेटियों ने आशंका जताई कि इसी मानसिक परेशानी के चलते उनके पिता ने आत्मघाती कदम उठाया।
भतीजा अक्सर मिलने आता था, दूसरे बुजुर्गों से करते थे उसकी तारीफ
सूत्रों के मुताबिक, रामनाथ ने कांधरपुर में एक भूखंड खरीदा था। उस पर मकान बनवाकर उनकी बड़ी बेटी रह रही हैं। रामनाथ के कहने पर बड़ी बेटी ने छोटी बेटी को भूखंड में हिस्सेदारी के बदले करीब पांच लाख रुपये दिए थे। इसके अलावा खेती से मिले सवा लाख रुपये भी रामनाथ ने छोटी बेटी को दिए थे। वृद्धाश्रम प्रबंधन के अनुसार, रामनाथ का भतीजा अक्सर उनसे मिलने आता था। वह उनके लिए खाने-पीने का सामान भी लाता था। जब रामनाथ का कहीं घूमने का मन होता था तो वह भतीजे को बुला लेते थे। भतीजा उन्हें घुमाने ले जाता और वापस वृद्धाश्रम छोड़ देता था। रामनाथ अन्य बुजुर्गों के सामने अक्सर उसकी तारीफ भी किया करते थे।
आत्महत्या की वजह तलाश रही पुलिस, अभी नहीं मिली तहरीर
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि रामनाथ की मौत के मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आत्महत्या क्यों की, इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर आरोपों की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।