बरेली। शहर में उत्पाती बंदरों से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने एक हजार बंदर पकड़ने का ठेका मथुरा की फर्म मैसर्स जाविद कॉन्ट्रैक्टर को दिया है। बंदरों को पकड़कर पीलीभीत और शाहजहांपुर के चिह्नित वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा। प्रति बंदर पकड़ने और छोड़ने पर 825 रुपये का भुगतान होगा।
नगर निगम ने सोमवार को फर्म को कार्यादेश जारी कर दिया। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि ठेकेदार को तीन दिन के भीतर टीम की व्यवस्था कर अभियान शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बंदरों से संबंधित शिकायतों के आधार पर इलाकों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके बाद रोस्टर बनाकर टीम भेजी जाएगी।
पकड़ने से लेकर जंगल में छोड़ने तक होगी निगरानी
डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि बंदरों को पकड़ने और जंगल में छोड़ने, दोनों प्रक्रियाओं की निगरानी की जाएगी। ठेकेदार को बंदर पकड़ते समय और उन्हें चिह्नित वन क्षेत्रों में छोड़ते समय जीपीएस फोटो लेना अनिवार्य होगा। ये फोटो बिल के साथ लगाने के बाद ही भुगतान किया जाएगा। निर्धारित दर के हिसाब से एक हजार बंदरों को पकड़ने और छोड़ने पर कुल 8.25 लाख रुपये खर्च होंगे।
शिकायत वाले इलाकों में पहले पहुंचेगी टीम
आईजीआरएस और डीएलसीसी पर आने वाली बंदरों से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए भी टीम गठित की जाएगी। शिकायतों के आधार पर रोस्टर तैयार कर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के अनुसार, अनुबंध की शर्तों के तहत ठेकेदार को समय-समय पर कार्यादेश जारी किए जाएंगे। स्वीकृत संख्या के अनुसार बंदरों को पकड़कर चिह्नित वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा।