बरेली। ड्यूटी के दौरान दिखाई गई सतर्कता ने एक परिवार को बड़ा दुख झेलने से बचा लिया। देवरनियां में संकट में घिरे युवक को देखकर दरोगा शेखर खोखर और सिपाही आकाश कुमार तुरंत मदद के लिए पहुंचे। दोनों ने उसकी जान बचाई और समझाकर परिवार के सुपुर्द किया। सोमवार को एसएसपी अनुराग आर्य ने दोनों को सम्मानित किया।
देवरनियां थाने में तैनात दरोगा शेखर खोखर और सिपाही आकाश कुमार 22 सितंबर को क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। कनमन के पास बरेली-लालकुआं रेल लाइन पर उनकी नजर एक युवक पर पड़ी। उसकी जान खतरे में देखकर दोनों तुरंत मदद के लिए दौड़े। उन्होंने समय रहते 31 वर्षीय युवक को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया। पुलिस के मुताबिक, युवक पारिवारिक कलह से परेशान था।
वक्त पर पहुंचे दोनों पुलिसकर्मी, टल गया बड़ा हादसा
मौके पर हालात ऐसे थे कि तुरंत कदम उठाना जरूरी था। दोनों पुलिसकर्मियों ने खतरे को समझा और युवक को बचाने में जुट गए। उनकी सतर्कता और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। जिस परिवार के सामने अनहोनी का खतरा खड़ा था, उसका सदस्य सुरक्षित बच गया। पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में दोनों की इस तत्परता और साहस की सराहना की गई है। युवक को सुरक्षित निकालने के बाद दोनों पुलिसकर्मी उससे बातचीत करते रहे। उसे समझाया और परिजनों को मौके पर बुलाया। परिवार के पहुंचने पर युवक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। पुलिसकर्मियों ने उस मुश्किल घड़ी में उसे खतरे से बाहर निकालने के साथ संभालने की भी कोशिश की। उनकी मदद से युवक सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सका।
एसएसपी ने बुलाकर दिया सम्मान, पांच-पांच हजार का इनाम
एक जिंदगी बचाने वाले दोनों पुलिसकर्मियों को एसएसपी अनुराग आर्य ने पांच अक्टूबर को सम्मानित किया। दरोगा शेखर खोखर और सिपाही आकाश कुमार को प्रशस्ति पत्र के साथ पांच-पांच हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। यह सम्मान गश्त के दौरान उनकी सतर्कता, मौके पर लिए गए सही फैसले और संकट में फंसे व्यक्ति की मदद के लिए दिया गया। एसएसपी अनुराग आर्य ने दोनों पुलिसकर्मियों के काम को सराहनीय माना। उन्होंने जिस सजगता और मानवीय संवेदना के साथ युवक की जान बचाई, उसी को देखते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया। देवरनियां की इस घटना में दोनों पुलिसकर्मियों की समय पर मिली मदद एक परिवार के लिए बड़ी राहत बन गई।