बरेली। फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाने की आशंका में दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बरेली में बड़ी कार्रवाई की। दिल्ली के मौरिस नगर थाने की पुलिस ने सीएमओ कार्यालय परिसर स्थित दिव्यांगजन प्रमाणपत्र कार्यालय से कर्मचारी कुलदीप सक्सेना को हिरासत में लिया है। पुलिस को संदेह है कि फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र तैयार कराने में उसकी भूमिका रही है। मामले की जांच का दायरा जिला अस्पताल तक पहुंच गया है और एक वरिष्ठ डॉक्टर समेत संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है।
युवक की निशानदेही पर पहुंची दिल्ली पुलिस
बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस अपने साथ एक युवक को लेकर बरेली पहुंची थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस सीधे सीएमओ कार्यालय स्थित दिव्यांगजन प्रमाणपत्र कार्यालय पहुंची और कुलदीप सक्सेना को हिरासत में ले लिया। अचानक हुई कार्रवाई से सीएमओ कार्यालय में खलबली मच गई। कुलदीप सक्सेना की तैनाती आउटसोर्सिंग के माध्यम से एक स्वास्थ्य केंद्र पर बताई जा रही है, जबकि वह वर्तमान में दिव्यांगजन प्रमाणपत्र कार्यालय से संबद्ध होकर काम कर रहा था।
डॉक्टर और नोडल अधिकारी से भी जुटाई जानकारी
मामला दिव्यांग प्रमाणपत्रों से जुड़ा होने के कारण दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस ने जिला अस्पताल में प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े एक वरिष्ठ डॉक्टर, नोडल अधिकारी और सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों से जानकारी जुटाई। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि संदिग्ध प्रमाणपत्र किस आधार पर और किन लोगों के नाम पर तैयार किए गए।
अब खंगाला जा रहा प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड
दिल्ली पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कुलदीप की कथित भूमिका से कितने दिव्यांग प्रमाणपत्र बने और इनमें से कितने प्रमाणपत्र फर्जी या संदिग्ध हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क में अन्य लोगों की कोई भूमिका है या नहीं। हिरासत में लेने के बाद दिल्ली पुलिस ने कुलदीप का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। स्थानीय कोतवाली पुलिस को भी कार्रवाई की सूचना दी गई है।
सीएमओ का बयान
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने दिव्यांगजन प्रमाणपत्र कार्यालय से जुड़े एक कर्मचारी को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।