बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बीवीएससी एवं एएच पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। कई दिनों से धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने अब भूख हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार शाम भूख हड़ताल के दौरान एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे संस्थान परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, अधिकारियों से कई दौर की बातचीत के बावजूद लिखित आश्वासन नहीं मिलने से नाराज विद्यार्थी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे धरने पर बैठी एक छात्रा की अचानक तबीयत खराब हो गई। जांच के दौरान उसका ब्लड ग्लूकोज लेवल 40 पाया गया। हालत बिगड़ने पर साथी विद्यार्थियों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया। हालांकि, संस्थान के अधिकारियों ने छात्रा को परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो सकी। घटना के बाद विद्यार्थियों को धरना स्थल पर मेडिकल टीम तैनात करने का आश्वासन दिया गया।
12 महीने तक 25 हजार रुपये स्टाइपेंड देने की मांग
आंदोलनरत विद्यार्थियों का कहना है कि बीवीएससी एवं एएच पाठ्यक्रम में साढ़े चार वर्ष की पढ़ाई के बाद 12 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी पड़ती है। उनकी मांग है कि इंटर्नशिप की पूरी अवधि के दौरान प्रत्येक विद्यार्थी को 25 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाए। विद्यार्थियों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। लिखित आश्वासन नहीं मिलने के कारण आंदोलन जारी है। उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत विद्यार्थियों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी मांगों के संबंध में संबंधित क्षेत्राधिकार के उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की सलाह दी।
एबीवीपी ने केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजा मांग पत्र
आईवीआरआई में चल रहे आंदोलन को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी विद्यार्थियों की मांगों का मुद्दा उठाया है। संगठन के महानगर सहमंत्री आयुष शर्मा ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को मांग पत्र भेजा है। मांग पत्र में बीवीएससी एवं एएच पाठ्यक्रम के साढ़े चार वर्ष के शैक्षणिक अध्ययन के बाद 12 महीने की अनिवार्य इंटर्नशिप और स्टाइपेंड से जुड़ी समस्याओं सहित विद्यार्थियों की अन्य प्रमुख मांगों को उठाया गया है।
लिखित आश्वासन नहीं मिलने से छात्रों में नाराजगी
विद्यार्थियों का कहना है कि अधिकारियों के साथ बातचीत होने के बावजूद उन्हें अब तक लिखित आश्वासन नहीं मिला है। इसी कारण वे धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। वहीं, पूरे मामले में आईवीआरआई प्रशासन का पक्ष जानने के लिए अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन नहीं उठने के कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।