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UP NEWSअभिजीत दिपके

नई दिल्ली। CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने दिवाली तक किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन नहीं करने का ऐलान किया है। उन्होंने संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों से त्योहार के दौरान अपने परिवार और करीबियों के साथ समय बिताने की अपील की है। दिपके ने कहा कि पिछले 10 से 12 दिनों में आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सभी को कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सौरभ दास और आशुतोष के जेल में होने के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं पड़ेगा और न ही कार्यकर्ता डरकर पीछे हटेंगे।

कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों ने झेली मुश्किलें

अभिजीत दिपके ने कहा कि हाल के दिनों में आंदोलन से जुड़े कई वॉलंटियर्स को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर मारपीट की गई, जबकि हिरासत के दौरान भी उन्हें परेशान किया गया। इन घटनाओं का असर केवल कार्यकर्ताओं पर ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ा है। दिपके ने कहा कि त्योहार का समय है और कार्यकर्ताओं के परिवार भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसलिए सभी समर्थकों को दिवाली तक विरोध प्रदर्शन से दूर रहकर अपने परिजनों के साथ समय बिताना चाहिए।

सौरभ और आशुतोष के जेल जाने से नहीं रुकेगा आंदोलन

CJP प्रमुख ने जेल में बंद सौरभ दास और आशुतोष का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों के परिवारों से उनकी बातचीत हुई है। उन्होंने बताया कि सौरभ की मां ने संगठन के लोगों से अपना ध्यान रखने की अपील की है। वहीं, आशुतोष के जेल में रहने के दौरान उनके परिवार में एक सदस्य का निधन हो गया, जिसके चलते वह मुश्किल समय में अपने परिजनों के साथ नहीं रह सके। दिपके ने कहा कि दोनों कार्यकर्ता मजबूत हैं और उनके परिवार भी उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौरभ और आशुतोष को जेल भेजे जाने से आंदोलन के लोगों का मनोबल नहीं टूटेगा। उन्होंने कहा, “हम पीछे नहीं हटेंगे। ऐसा नहीं है कि सौरभ और आशु जेल चले गए तो हम डर जाएंगे। हम डरेंगे नहीं, क्योंकि हम किसी गलत काम के लिए नहीं, बल्कि सही चीज के लिए लड़ रहे हैं।

नफरत के खिलाफ लड़ाई में प्यार और करुणा को बताया ताकत

अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका आंदोलन नफरत के खिलाफ है और इस लड़ाई में कार्यकर्ताओं को अपने भीतर भी नफरत पैदा नहीं होने देनी चाहिए। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता नहीं अपनाने की अपील की। दिपके ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत आपसी प्रेम, करुणा और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता है। उन्होंने कहा कि नफरत का जवाब नफरत से देने के बजाय शांति और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।

महात्मा गांधी के अहिंसा के रास्ते पर चलने का संकल्प

CJP प्रमुख ने सौरभ दास और आशुतोष के संघर्ष की तुलना महात्मा गांधी के सत्याग्रह से की। उन्होंने कहा कि दोनों कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी गुस्से और नफरत के बजाय शांति और करुणा का रास्ता चुना है। दिपके ने कहा कि संगठन संविधान और महात्मा गांधी के शांति एवं अहिंसा के सिद्धांतों पर आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि भावनाएं किसी आंदोलन की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत होती हैं।

दिवाली परिवार के साथ मनाएं, संघर्ष करने वालों को भी रखें याद

अभिजीत दिपके ने अपने संदेश के अंत में सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से दिवाली का त्योहार परिवार के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े कई लोगों ने पिछले दिनों मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया है, लेकिन उनकी कहानियां सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ सकीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जेल में बंद सौरभ दास और आशुतोष को याद रखने की भी अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि दिवाली तक विरोध प्रदर्शन नहीं करने का फैसला आंदोलन से पीछे हटना नहीं है। संगठन शांति, अहिंसा और संवैधानिक मूल्यों के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।

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