नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के बीच शनिवार को देश के तीन अलग-अलग हिस्सों में हुए दर्दनाक हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में श्रद्धालुओं पर बेकाबू ट्रक चढ़ने और तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान लाइटिंग ट्रस गिरने की घटनाओं में कुल 33 लोगों की मौत होने की खबर है। इन हादसों में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। त्योहार के दौरान हुई इन घटनाओं से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबगान स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम करीब 7:40 बजे अचानक भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि मूसलाधार बारिश के बीच पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी। इसी दौरान पंडाल का एक हिस्सा गिरने से अफरातफरी मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हो गए। मृतकों में 13 महिलाएं और एक मासूम बच्चा भी शामिल बताया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा किए जाने की खबर है। घायलों के निःशुल्क उपचार के साथ पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने की भी बात कही गई है।
ग्वालियर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, 13 की मौत
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर के दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं के साथ भीषण सड़क हादसा हो गया। चीनोर रोड पर धान से लदा एक बेकाबू ट्रक पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ते हुए श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। इसके बाद ट्रक मंदिर की बाहरी दीवार और मुख्य द्वार से टकरा गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। ट्रक की चपेट में आने से 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और पुलिस ने राहत-बचाव कार्य शुरू किया तथा घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। वहीं, पांच से छह घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
तेलंगाना में डांडिया कार्यक्रम के दौरान गिरा लाइटिंग ट्रस, छात्रा की मौत
तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के नादरगुल स्थित एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान भी दर्दनाक हादसा हो गया। नवरात्रि उत्सव में छात्र-छात्राएं डांडिया खेल रहे थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर लगा भारी लाइटिंग ट्रस अचानक गिर पड़ा। हादसे में इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग प्रथम वर्ष की छात्रा सोना नारायण दास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनकी बहन मीना नारायण दास गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें नादरगुल के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस घटना में कुल 12 छात्र-छात्राओं के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद कॉलेज परिसर में अफरातफरी मच गई और उत्सव का माहौल शोक में बदल गया।
उत्सव की खुशियां मातम में बदलीं, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
नवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक पर्व के दौरान तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए इन हादसों ने सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोलकाता में भीड़ प्रबंधन, ग्वालियर में श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान यातायात सुरक्षा और तेलंगाना में कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए भारी उपकरणों की मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन तीनों घटनाओं में कुल 33 लोगों की जान जाने की खबर ने देशभर में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि घायलों के परिजन अस्पतालों में उनके स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है।