बरेली। बदलते मौसम के बीच जिले में डेंगू और मलेरिया का खतरा लगातार बना हुआ है। बीते 24 घंटे में डेंगू के तीन और मलेरिया का एक नया मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच के दौरान संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिले में अब डेंगू के मरीजों की कुल संख्या 15 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बुखार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी है।
जिला अस्पताल में जांच के दौरान सामने आए नए मामले
जिला अस्पताल में बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीजों की जांच में डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आ रहे हैं। बदायूं के दातागंज निवासी 38 वर्षीय महिला को कई दिनों से तेज बुखार की शिकायत थी। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने 16 अक्तूबर की देर रात उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जांच रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं, आंवला क्षेत्र के मऊ चंदपुर निवासी 16 वर्षीय किशोर को भी बुखार की शिकायत पर 17 अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में डेंगू की पुष्टि होने के बाद उसे डेंगू वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा सीबीगंज निवासी 38 वर्षीय मरीज की जांच में मलेरिया के पीएफ संक्रमण की पुष्टि हुई है।
डेंगू के मरीजों की संख्या 15 पहुंची
जिले में डेंगू के नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र सिंह के अनुसार, जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। उन्होंने बताया कि मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। बुखार आने पर घरेलू उपचार के भरोसे रहने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर जांच करानी चाहिए।
हड़ताल खत्म होने के बाद आरोग्य मेलों में सामान्य हुईं सेवाएं
उधर, स्वास्थ्य विभाग के संविदाकर्मियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित आरोग्य मेलों में व्यवस्थाएं सामान्य रहीं। नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक और अन्य संविदाकर्मी ड्यूटी पर मौजूद रहे। मरीजों को परामर्श और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। हालांकि, नवरात्र के चलते इस बार आरोग्य मेलों में मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
बुखार और कंपकंपी को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
बदलते मौसम में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कंपकंपी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना सेहत पर भारी पड़ सकता है। जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि इस मौसम में मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने लोगों को घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी। साथ ही कूलर, गमलों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने को कहा। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और चिकित्सक की सलाह से जांच कराएं।
मच्छरों से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घरों के आसपास साफ-सफाई रखना जरूरी है। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर ध्यान देना चाहिए, जहां पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है। डेंगू के मामले सामने आने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने और किसी भी तरह के बुखार को हल्के में नहीं लेने की अपील की है।