बरेली। जनगणना के दौरान लोगों को किसी भी प्रकार के दस्तावेज या अभिलेख की कॉपी जमा नहीं करनी होगी। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर निर्धारित 40 सवाल पूछेंगे और लोगों की ओर से दिए गए जवाब ही दर्ज करेंगे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने गुरुवार को नगर निगम में जनगणना संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनगणना का कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए।
डीएम ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह को जनगणना कार्य में लगाए गए सभी कार्मिकों का शत-प्रतिशत प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्मिकों को प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनरों को भी जनगणना की प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
स्वगणना के लिए लोगों को किया जाएगा जागरूक
जिलाधिकारी ने जनगणना प्रक्रिया का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वगणना की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भागीदारी कर सकें। जनगणना की सफलता के लिए आम जनता तक सही जानकारी पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने सभी मास्टर ट्रेनरों को जनगणना संबंधी बुकलेट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर ही मिलेगी ड्यूटी से छूट
डीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना ड्यूटी से बचने के लिए अनावश्यक प्रयास करने वाले कार्मिकों को राहत नहीं मिलेगी। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ड्यूटी से छूट केवल नियमानुसार गठित समिति और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।