बरेली। बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली विभाग की टीम खुद बड़े खेल में फंस गई है। प्रेमनगर इलाके में विजिलेंस के साथ छापा मारने पहुंची टीम पर पांच कटियाचोरों से 2 लाख 60 हजार रुपये वसूलकर उन्हें छोड़ने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि टीम ने पांच घरों में बिजली चोरी पकड़ी, लेकिन रुपये लेने के बाद बिना कोई कार्रवाई किए लौट गई। छापेमारी सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई। अब वसूली का यह मामला चीफ इंजीनियर अखिलेश कुमार सिंह तक पहुंच गया है। उन्होंने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।
सोमवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे बिजली विभाग की टीम विजिलेंस के साथ प्रेमनगर की नई बस्ती नरकुलागंज पहुंची। शिकायतकर्ता सादिक के मुताबिक, अकिल हुसैन पुत्र कबीर हुसैन के घर वाईफाई तार के जरिए बिजली चोरी की जा रही थी। वहीं पड़ोस में जावेद, शानू जिम, मुन्ना और अजीज मियां के यहां भी बिजली चोरी चल रही थी। टीम ने पांचों घरों पर एक साथ छापेमारी की।
2.60 लाख की वसूली के बाद छोड़ दिए पांचों कटियाचोर
शिकायतकर्ता ने बताया छापेमारी में बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद भी पांचों लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। टीम ने अकिल हुसैन से 1 लाख, जावेद से 30 हजार, अजीज मियां से 30 हजार, मुन्ना से 20 हजार, शानू जिम वाले से 60 हजार, शानू उर्फ सन्नू से 20 हजार रुपये लिये गये। कुल 2 लाख 60 हजार रुपये की वसूली कर मामला वहीं निपटा दिया गया। अब सवाल उठ रहा है कि छापेमारी के बाद विभागीय कार्रवाई का रिकॉर्ड कहां है और पांचों के खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज हुई। बिजली विभाग की टीम की छापेमारी आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। शिकायतकर्ता ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की है। सीसीटीवी फुटेज और विभागीय रिकॉर्ड की पड़ताल से यह साफ हो सकता है कि टीम में कौन-कौन शामिल था और छापेमारी के बाद क्या कार्रवाई हुई।
चीफ इंजीनियर तक पहुंचा मामला, जांच का आश्वासन
शिकायतकर्ता सादिक ने चीफ इंजीनियर अखिलेश कुमार सिंह से पूरे मामले की शिकायत की है। पांच लोगों से 2.60 लाख रुपये की कथित वसूली और बिना कार्रवाई छोड़े जाने की जानकारी दी गई है। चीफ इंजीनियर ने जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस संबंध में एसई ललित कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विभाग छापेमारी करने वाली टीम से क्या जवाब मांगता है और जांच में वसूली की शिकायत पर क्या तथ्य सामने आते हैं।