बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार को बरेली आगमन के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। वीवीआईपी मूवमेंट के चलते प्रमुख चौराहों और सड़कों पर यातायात रोके जाने से जगह-जगह लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे बने कि स्कूली बच्चे, मरीज और आम राहगीर घंटों जाम में फंसे रहे। वहीं, शाहजहांपुर से भाजपा सांसद अरुण कुमार सागर को भी कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोक दिया गया। इस दौरान कई स्थानों पर वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे के दौरान उस समय असहज स्थिति बन गई, जब शाहजहांपुर से भाजपा सांसद अरुण कुमार सागर को कार्यक्रम स्थल की ओर जाने से रोक दिया गया। वीवीआईपी सुरक्षा और यातायात प्रतिबंधों के बीच सांसद को भी रोक दिए जाने का मामला चर्चा में रहा। हालांकि, उन्हें किस कारण रोका गया और बाद में प्रवेश मिला या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
सड़कों पर फंसे स्कूली बच्चे, मरीजों की भी बढ़ी परेशानी
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए थे। वीवीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान कई चौराहों पर वाहनों को रोक दिया गया। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के काम से निकले लोगों पर पड़ा। स्कूलों से घर लौट रहे बच्चे जाम में फंस गए। वहीं, अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भी परेशानी उठानी पड़ी। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वीवीआईपी मूवमेंट के कारण प्रमुख सड़कों पर यातायात रोके जाने के बाद वाहन चालकों ने वैकल्पिक रास्तों का रुख किया, लेकिन वहां भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। देखते ही देखते कई मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। दोपहिया और चारपहिया वाहन रेंगते नजर आए। यातायात व्यवस्था संभालने में जुटे पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस से हुई नोकझोंक, ऑटो चालकों की मनमानी ने बढ़ाई मुसीबत
जाम के दौरान कई स्थानों पर वाहन चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। रास्ता बंद होने और लंबे समय तक वाहनों को रोके जाने से लोग परेशान दिखाई दिए। दूसरी ओर, ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी ने भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। बेतरतीब ढंग से ऑटो खड़े होने और वाहनों के दबाव के कारण कई स्थानों पर जाम की समस्या और गंभीर हो गई। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे, लेकिन सड़कों पर बने हालात ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। वीवीआईपी आवाजाही के दौरान यातायात रोकने और वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से शहर की रफ्तार थम गई। मुख्यमंत्री का दौरा समाप्त होने तक कई इलाकों में लोग जाम से जूझते रहे।