बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय का व्यवसाय प्रशासन विभाग 20 और 21 नवंबर 2026 को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से जीएसटी 2.0 पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित करेगा। संगोष्ठी का विषय ‘डिजिटल अर्थव्यवस्था में कराधान का भविष्य’ है। शुक्रवार को इसके प्रचार पत्र का लोकार्पण किया गया।
कर सुधारों और डिजिटल व्यापार पर होगी चर्चा
संगोष्ठी में जीएसटी सुधारों, कर अनुपालन, डिजिटल व्यापार तथा उद्योग और व्यवसाय पर कर नीतियों के प्रभावों पर चर्चा होगी। इसमें विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षक, कर विशेषज्ञ और उद्यमी भाग लेंगे।
गुणवत्तापूर्ण शोध पर जोर
संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. त्रिलोचन शर्मा ने कहा कि संगोष्ठी का उद्देश्य कर सुधारों और डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रभावों को समझना तथा शोध को व्यावसायिक जरूरतों से जोड़ना है। सह-संयोजक डॉ. सौरभ वर्मा ने जीएसटी 2.0 की चुनौतियों और संभावनाओं पर सार्थक चर्चा को महत्वपूर्ण बताया। प्रो. ए.के. सरकार ने विद्यार्थियों और शोधार्थियों से गुणवत्तापूर्ण शोधपत्र तैयार करने की अपील की। संगोष्ठी निदेशक प्रो. संजय मिश्रा ने शोधपत्रों के साथ भागीदारी करने का आह्वान किया। समन्वयक प्रो. तुलिका सक्सेना ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
लोकार्पण कार्यक्रम में शिक्षक और शोधार्थी शामिल
कार्यक्रम में आयोजन सचिव डॉ. रोमिता खुराना, डॉ. रुचि द्विवेदी, प्रो. राजकमल, डॉ. मंजुला, डॉ. नम्रता, डॉ. प्रियंका, डॉ. वर्षा, डॉ. नंदिता, डॉ. हरीश भट्ट और डॉ. सुनील सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। रक्षपाल बहादुर संस्थान के निदेशक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और करीब 50 शोधार्थियों ने भी भाग लिया।