बरेली। इंडेन गैस वितरक गोयल इंटरप्राइजेज और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-द्वितीय ने सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति, मानसिक कष्ट और मुकदमा खर्च के रूप में कुल एक लाख 35 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।
प्रेमनगर क्षेत्र के बांके की छावनी निवासी दिनेश शर्मा के अनुसार, 23 फरवरी 2020 को बेटी की शादी के दौरान घर में चाय बनाते समय घरेलू सिलिंडर से अचानक गैस लीक हुई और आग लग गई। आग से दहेज का सामान, उपहार, एलईडी, कपड़े और हजारों रुपये नकद जलकर नष्ट हो गए।
शिकायत के बाद भी नहीं मिला मुआवजा
दिनेश शर्मा ने वितरक को लिखित शिकायत दी। सर्वे भी हुआ, लेकिन परिवार को नुकसान का मुआवजा नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-द्वितीय में मामला दायर किया। सुनवाई के दौरान वितरक ने दावा किया कि घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल व्यावसायिक भट्टी में किया गया था। वितरक की ओर से परिवादी के बेटे अंकित के नाम से लिखा शिकायत मेमो भी पेश किया गया। हालांकि, हस्तलिपि विशेषज्ञ की रिपोर्ट में मेमो की लिखावट और हस्ताक्षर अंकित के नहीं पाए गए।
क्षतिपूर्ति देने का आदेश
आयोग के अध्यक्ष दीपक त्रिपाठी और सदस्य दिनेश गुप्ता ने गोयल इंटरप्राइजेज तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को सेवा में कमी का दोषी माना। आयोग ने एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति, मानसिक कष्ट के लिए 25 हजार रुपये और मुकदमा खर्च के रूप में 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।