बहेड़ी। अवध फूड्स के साथ समझौता टूटने के बाद केसर चीनी मिल की जमीन की नीलामी के लिए 24 अक्तूबर की तारीख तय की गई है। मिल प्रबंधन को दिए गए 66 करोड़ रुपये के चेक बाउंस होने से किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की उम्मीदों को झटका लगा है। किसानों ने नीलामी रुकवाने के लिए भ्रमित किए जाने का आरोप लगाते हुए मिल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
केसर मिल के मुड़िया फार्म की नीलामी की तारीख पहले भी तय की गई थी। नीलामी से एक दिन पहले अवध फूड्स प्रबंधन ने कलक्ट्रेट में मिल प्रबंधन को 66 करोड़ रुपये के चेक दिए थे। इसके बाद नीलामी रोक दी गई थी। चेक बाउंस होने पर केसर मिल और अवध फूड्स के बीच हुआ करार टूट गया। अब जिला प्रशासन ने किसानों का बकाया भुगतान कराने के लिए दोबारा नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है। गुरुवार को डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 24 अक्तूबर को नीलामी कराने का निर्णय लिया गया। बैठक में एडीएम एफआर, जिला गन्ना अधिकारी और बहेड़ी एसडीएम समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। नीलामी की तैयारियों की समीक्षा के लिए 22 अक्तूबर को फिर बैठक होगी।
कंपनी की क्षमता और मिल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
किसानों का कहना है कि अवध फूड्स की पड़ताल करने पर उन्हें पता चला कि कंपनी का गठन और पंजीकरण मार्च में ही हुआ था। उन्होंने कंपनी की वित्तीय क्षमता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उसकी हैसियत दो से चार लाख रुपये की है। किसानों ने सवाल उठाया कि ऐसे में मिल प्रबंधन ने कंपनी से समझौता किस आधार पर किया। उनका आरोप है कि इस समझौते के सहारे नीलामी रुकवाकर उन्हें बकाया भुगतान की उम्मीद दिलाई गई।
नीलामी रद्द नहीं, स्थगित की गई थी : डीएम
डीएम अविनाश सिंह ने कहा कि प्रशासन किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले भी नीलामी रद्द नहीं की गई थी, उसे केवल स्थगित किया गया था। अब कंपनी के चेक बाउंस हो चुके हैं, इसलिए 24 अक्तूबर को नीलामी कराकर किसानों को बकाया भुगतान दिलाया जाएगा।