UP NEWSAI चित्र।

बरेली। साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाते हुए भाई की फेसबुक आईडी का इस्तेमाल कर उसके ही भाई को पुलिस का डर दिखाया और 70 हजार रुपये ठग लिए। ठगों ने फेसबुक मैसेंजर के जरिए मैसेज भेजकर बताया कि उसके भाई को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसे छुड़ाने के नाम पर तत्काल 70 हजार रुपये मांगे गए। भाई के पुलिस हिरासत में होने की बात सुनकर पीड़ित घबरा गया और ठगों के भेजे क्यूआर कोड पर तीन बार में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में जब भाई से संपर्क हुआ तो पता चला कि उसे पुलिस ने पकड़ा ही नहीं था।

सीबीगंज थाना क्षेत्र के कासमपुर गांव निवासी रहीम खान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 29 सितंबर को उसके पास उसके भाई की फेसबुक आईडी से मैसेज आया। मैसेज में बताया गया कि उसके भाई को पुलिस ने पकड़ लिया है और मामला खत्म कराने के लिए 70 हजार रुपये देने होंगे। मैसेज के साथ रकम भेजने के लिए क्यूआर कोड भी भेजा गया।

भाई को बचाने के चक्कर में भेज दिए 70 हजार

रहीम ने बताया कि भाई के मुसीबत में होने की बात सुनकर वह घबरा गया। उसने बिना ज्यादा पड़ताल किए ठगों के बताए क्यूआर कोड पर रुपये भेजना शुरू कर दिया। तीन अलग-अलग लेनदेन में कुल 70 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इनमें पहले 20 हजार, फिर 30 हजार और इसके बाद 20 हजार रुपये भेजे गए। रकम पहुंचने के बाद ठगों ने संपर्क बंद कर दिया।

भाई से बात हुई तो सामने आया पूरा सच

रकम भेजने के बाद रहीम ने अपने भाई से संपर्क किया तो उसे पता चला कि उसके भाई को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया था। इसके बाद उसे समझ आया कि फेसबुक आईडी का इस्तेमाल कर साइबर ठगों ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। ठगी का पता चलते ही उसने साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का नंबर भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

सीबीगंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट

पीड़ित ने इसके बाद सीबीगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। उसने पुलिस को ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और रकम ट्रांसफर से जुड़े लेनदेन की जानकारी भी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी उसके भाई की फेसबुक आईडी तक कैसे पहुंचे और उसका इस्तेमाल कर पीड़ित को कैसे अपने जाल में फंसाया।

एक मैसेज ने करा दिया 70 हजार का नुकसान

साइबर ठगों ने महज एक मैसेज के जरिए पीड़ित के सामने ऐसा माहौल बनाया कि उसने भाई की गिरफ्तारी की बात सच मान ली। पुलिस की कार्रवाई का डर और भाई को बचाने की जल्दबाजी में उसने 70 हजार रुपये गंवा दिए। पुलिस लेनदेन और मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *