बरेली। नवाबगंज में शिक्षिका सुधा की संदिग्ध मौत के बाद अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच पुलिस पहुंच गई। ऑनर किलिंग की सूचना पर शव चिता से उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जांच में जहर के लक्षण और गले पर फंदा कसने का निशान मिला है। मौत की वजह स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है।
नदी किनारे तैयार थी चिता, सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
नवाबगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली सुधा निजी स्कूल में पढ़ाने के साथ बीएससी की पढ़ाई कर रही थीं। रविवार रात घर में संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई। सोमवार सुबह परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव सिंधैया नदी के किनारे ले गए। चिता तैयार कर उस पर शव रख दिया गया था। इसी बीच किसी ने पुलिस को ऑनर किलिंग की आशंका जताते हुए सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अंतिम संस्कार रुकवाया और शव चिता से उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया। हालांकि, अभी ऑनर किलिंग की पुष्टि नहीं हुई है।
पिता बोले—सीने में दर्द उठा, डॉक्टर के पास ले जाते समय हुई मौत
पुलिस ने परिजन से घटना की जानकारी ली। पिता ने बताया कि रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे सुधा के सीने में दर्द उठा था। परिवार के लोग उन्हें डॉक्टर के पास ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। पुलिस परिजन के बयान और पोस्टमार्टम के निष्कर्षों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद भी स्पष्ट नहीं हुई मौत की वजह
पोस्टमार्टम में जहर के लक्षण मिलने के साथ सुधा के गले पर फंदा कसने का निशान भी मिला है। हालांकि, फंदे को मौत का कारण नहीं पाया गया। ऐसे में विसरा सुरक्षित किया गया है, जिसकी जांच से मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। सुधा के पहले जहर खाने और फिर फंदा लगाने की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन इस घटनाक्रम की पुष्टि नहीं हुई है।
23 फरवरी को तय था विवाह
बताया जा रहा है कि सुधा का विवाह पड़ोस के गांव के एक युवक से तय हुआ था। दोनों की सहमति से 23 फरवरी को शादी होनी थी। इससे पहले उनकी संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सीओ नीलेश मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।