बरेली। कारोबारी के मैनेजर से नौ लाख रुपये से ज्यादा की लूट के बाद बदमाशों का पीछा कर बड़ा बाईपास पर दो बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर करने वाले इंस्पेक्टर गीतेश कपिल को उनकी बहादुरी का सम्मान मिला है। गुरुवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें गैलेंट्री मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। गीतेश कपिल वर्तमान में बरेली जोन कार्यालय में तैनात हैं। गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर उनके वीरता पदक की घोषणा की गई थी।
मामला बरेली के कोहाड़ापीर इलाके में हुई बड़ी लूट से जुड़ा है। सुबह के वक्त एक कारोबारी के मैनेजर को निशाना बनाकर बदमाशों ने 9 लाख रुपये से अधिक की रकम लूट ली थी। इतनी बड़ी वारदात के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। बदमाशों की तलाश में पुलिस की टीमें लगाई गईं और उनके संभावित ठिकानों व भागने के रास्तों पर घेराबंदी शुरू की गई। पुलिस को बदमाशों के बड़ा बाईपास की ओर होने की सूचना मिली। इसके बाद अहलादपुर क्षेत्र में पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस से मुकाबला किया। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश मारे गए। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा भी बरामद किया था।
एनकाउंटर ऑपरेशन में निभाई अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में इंस्पेक्टर गीतेश कपिल और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बदमाशों का पीछा करने से लेकर घेराबंदी और मुठभेड़ तक उन्होंने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। इसी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें वीरता पदक के लिए चुना गया था।
सीएम के हाथों मिला सम्मान
गुरुवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। इसी कड़ी में इंस्पेक्टर गीतेश कपिल को भी गैलेंट्री मेडल और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। सम्मान मिलने के बाद बरेली पुलिस और जोन के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक संघर्ष का विमोचन भी किया। समारोह में पुलिस सेवा के दौरान असाधारण साहस दिखाने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को रेखांकित किया गया।