बरेली। बरेली कॉलेज में पार्किंग व्यवस्था को लेकर प्राचार्य और शिक्षक-कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद अब आंदोलन में बदल गया है। गुरुवार सुबह से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी प्राचार्य कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गए। शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने तीन और पांच अक्टूबर को भी धरना जारी रखने का एलान किया है। पांच अक्टूबर को होने वाली बैठक में समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रो. गजेंद्र पाल सिंह और कर्मचारी संघ अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के अनुसार, कॉलेज के पूर्वी और पश्चिमी गेट 10 सितंबर को बंद कर दिए गए थे। इसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों को परिसर के अंदर निर्धारित पार्किंग स्थल तक जाने से रोक दिया गया। संघ पदाधिकारियों का आरोप है कि यह फैसला शिक्षक और कर्मचारी संघ से बातचीत किए बिना एक छात्र संगठन की मांग पर लिया गया। इसके विरोध में शिक्षक-कर्मचारी पिछले 18 दिनों से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं।
प्राचार्य से कई दौर की वार्ता, नहीं निकला हल
पार्किंग विवाद को सुलझाने के लिए प्राचार्य और संघ पदाधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। शिक्षक-कर्मचारी संगठनों का कहना है कि लगातार वार्ता के बाद भी उनकी मांग का समाधान नहीं हुआ। इसी के बाद उन्होंने धरने का रास्ता अपनाया है। मामले को लेकर जिलाधिकारी को भी पत्र भेजा गया है।
पांच अक्टूबर की बैठक पर टिकी नजर
शिक्षक संघ महासचिव प्रो. वीपी सिंह ने बताया कि धरने के बावजूद शिक्षकों ने अपने नियमित दायित्व प्रभावित नहीं होने दिए हैं। पांच अक्टूबर को शिक्षक और कर्मचारी फिर सामूहिक बैठक करेंगे। इसमें आंदोलन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस बैठक तक पार्किंग विवाद का समाधान नहीं हुआ तो पूर्ण असहयोग आंदोलन और भूख हड़ताल जैसे कदम उठाने पर निर्णय लिया जा सकता है।