बरेली। मीरगंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी की कटान ने बुधवार तड़के बड़ा खतरा पैदा कर दिया। गोरालोकनाथपुर पुल के पास नदी के तेज बहाव से सड़क के किनारे की मिट्टी खिसकने के बाद सड़क का काफी हिस्सा धंस गया। घटना रात करीब तीन बजे की है। गनीमत रही कि उस समय सड़क पर कोई वाहन या राहगीर नहीं था। सूचना मिलते ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों छोर पर पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि रामगंगा नदी के तेज बहाव के कारण गोरालोकनाथपुर पुल के पास लगातार कटान हो रहा था। नदी सड़क किनारे की मिट्टी काट रही थी। बुधवार तड़के करीब तीन बजे मिट्टी खिसकने से सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया। इससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के लिए खतरा पैदा हो गया। सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही मीरगंज एसडीएम निधि शुक्ला, एडीएम एफआर संतोष बहादुर सिंह और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कटान और क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण कर सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए।
नल नगरिया से बदायूं तक जाने वाला अहम मार्ग
यह सड़क नल नगरिया से आंवला क्षेत्र के गौरीशंकर गुलड़िया होते हुए बदायूं जिले की ओर जाती है। आसपास के कई गांवों के लोग भी आवागमन के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामगंगा में कटान लगातार बढ़ने से पहले से ही सड़क को लेकर खतरा बना हुआ था।
पुल के दोनों छोर पर पुलिस पिकेट, जेसीबी बुलाई
प्रशासन ने किसी हादसे की आशंका को देखते हुए पुल के दोनों ओर पुलिस पिकेट तैनात कर दी है। पीडब्ल्यूडी की टीम भी सड़क को सुरक्षित करने में जुट गई है। मौके पर जेसीबी मशीन बुलाई गई है। पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के मुताबिक क्षतिग्रस्त हिस्से में मिट्टी डलवाकर सड़क को जल्द दुरुस्त कराने के प्रयास किए जाएंगे। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मार्ग पर किसी तरह की दुर्घटना रोकना है।