बरेली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने को लेकर उपजे विवाद के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन प्रदर्शन कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। किसी भी सूरत में हिंसा का रास्ता न अपनाया जाए।
प्रशासन को पहले करनी चाहिए थी बातचीत: रजवी
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि उज्जैन प्रशासन को कार्रवाई से पहले मस्जिद कमेटी और स्थानीय लोगों से बातचीत कर सहमति बनाने का प्रयास करना चाहिए था। उनका दावा है कि ऐसा नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ी और हालात बिगड़े। उन्होंने मस्जिद को सदियों पुराना बताते हुए कहा कि कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में पहले से नाराजगी थी। बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास एकत्र हुए और कार्रवाई का विरोध किया।
बोले- हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं
मौलाना रजवी ने कहा कि हिंसक प्रदर्शन किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। इससे विवाद सुलझने के बजाय नई समस्याएं पैदा होती हैं। लोगों को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए कानूनी और लोकतांत्रिक रास्ता ही अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने उज्जैन के मुसलमानों से विशेष रूप से संयम बरतने की अपील की। कहा कि किसी उकसावे में न आएं और ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे शहर का माहौल खराब हो।
उज्जैन में मस्जिद के हिस्से को हटाने पर विवाद
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी परियोजना के दायरे में शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी आ रहा है। इसे हटाने को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध चल रहा है। सोमवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी। पथराव के बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। मौलाना रजवी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए। बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही विवाद का समाधान तलाशा जाना चाहिए।