बरेली। सरकारी केंद्रों से आधी कीमत पर गेहूं का उन्नत बीज लेने के लिए किसानों को अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले किसानों को ही योजना का लाभ मिलेगा। बीज वितरण में गड़बड़ी और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद शासन ने ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की पुरानी व्यवस्था खत्म कर दी है।
दो हेक्टेयर तक मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान
कृषि विभाग किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्रफल के लिए गेहूं के बीज पर 50 प्रतिशत अनुदान देगा। बाजार में उन्नत बीज की कीमत करीब 4,400 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकारी केंद्रों पर किसानों को यह लगभग आधी कीमत में उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था में किसान को कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। आवेदन के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है।
एक किसान के बार-बार बीज लेने पर रोक
अब तक किसान सीधे सरकारी बीज भंडार पहुंचकर उपलब्धता के आधार पर बीज ले लेते थे। आरोप थे कि कुछ किसान बार-बार बीज ले जाते हैं, जबकि जरूरतमंद किसान योजना से वंचित रह जाते हैं। वितरण केंद्रों पर कागजों में बीज बांटकर उसे बाजार में बेचने की शिकायतें भी सामने आती थीं। ऑनलाइन आवेदन से किसान का पूरा ब्योरा रिकॉर्ड में रहेगा। इससे एक किसान दोबारा अनुदानित बीज नहीं ले सकेगा और वितरण केंद्रों पर मनमानी की गुंजाइश भी घटेगी।
बरेली मंडल को मिला 85,977 क्विंटल बीज
शासन ने बरेली मंडल के चारों जिलों के लिए कुल 85,977 क्विंटल गेहूं बीज आवंटित किया है।
जिला
बीज का लक्ष्य
बरेली
15,602 क्विंटल
बदायूं
17,655 क्विंटल
शाहजहांपुर
25,432 क्विंटल
पीलीभीत
27,288 क्विंटल
इन उन्नत प्रजातियों का मिलेगा बीज
सरकारी वितरण केंद्रों पर गेहूं की डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-372, डीबीडब्ल्यू-187, डीबीडब्ल्यू-303, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-2, एचडी-3226 और एचडी-3386 प्रजातियों के बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
अगले साल नहीं मिलेगा दोबारा लाभ
इस वर्ष अनुदान पर बीज लेने वाले किसान को अगले वर्ष योजना का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग का मानना है कि उन्नत बीज बोआई के अगले साल भी उपयोगी रहता है। इसलिए किसान को एक वर्ष के अंतराल के बाद ही दोबारा अनुदानित बीज दिया जाएगा। संयुक्त कृषि निदेशक दुर्विजय सिंह ने बताया कि वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य की गई है। मंडल के सभी उप कृषि निदेशकों और जिला कृषि अधिकारियों को नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।