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नई दिल्ली/बरेली। वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था में विशेष श्रेणी के वाहनों को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है। एक केंद्रीय सूची के हवाले से दावा किया जा रहा है कि 27 श्रेणी के वाहनों की फिटनेस जांच RTO में मैनुअल तरीके से कराए जाने की अनुमति दी जा सकती है। इनमें कृषि, निर्माण और विशेष उपयोग वाले कई वाहन शामिल हैं। हालांकि, 27 श्रेणियों वाली सूची के मूल केंद्रीय पत्र की स्वतंत्र आधिकारिक प्रति अभी सार्वजनिक रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं मिली है।

ATS के साथ मैनुअल व्यवस्था का रास्ता

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 23 जुलाई 2026 को लोकसभा में बताया था कि ATS व्यवस्था लागू होने के बाद RTO/DTO की मैनुअल फिटनेस जांच की सुविधा चरणबद्ध तरीके से हटाई गई है। मंत्रालय के अनुसार, राज्य सरकार के अनुरोध और ATS स्थापित करने की समयबद्ध योजना के आधार पर RTO में मैनुअल फिटनेस टेस्ट की सुविधा फिर बहाल की जा सकती है।

यूपी में पहले ही बदली जा चुकी है व्यवस्था

मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा और लद्दाख के लिए मैनुअल टेस्ट हटाने की समयसीमा में संशोधन किया गया था। इसका मतलब यह है कि यूपी में मैनुअल फिटनेस को लेकर व्यवस्था पूरी तरह एक समान और स्थायी रूप से बंद नहीं मानी जा सकती; यह केंद्रीय अनुमति और राज्य की कार्ययोजना से जुड़ी है।

फोर्कलिफ्ट और क्रेन माउंटेड वाहन

वायरल सूची में फोर्कलिफ्ट, क्रेन माउंटेड वाहन, कृषि ट्रैक्टर और पावर टिलर जैसी विशेष श्रेणियां शामिल बताई जा रही हैं। ये वाहन सामान्य यात्री या मालवाहक वाहनों से अलग उपयोग और तकनीकी संरचना वाले होते हैं।

बुलडोजर, रोड रोलर और हार्वेस्टर भी

सूची में निर्माण उपकरण वाहनों के साथ रोड रोलर, बुलडोजर, हार्वेस्टर और डंपर जैसी श्रेणियों का भी उल्लेख है। ऐसे वाहनों की फिटनेस जांच सामान्य व्यावसायिक वाहनों की तुलना में उनके विशेष उपयोग और निर्माण को ध्यान में रखकर की जाती है।

ई-रिक्शा और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर भी नजर

बताई गई सूची में ई-रिक्शा, ट्रेलर, व्यावसायिक ट्रैक्टर और ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा सेमी-ट्रेलर और मॉड्यूलर हाइड्रोलिक ट्रेलर जैसी विशेष श्रेणियों का भी जिक्र है।

बरेली के लिए क्यों महत्वपूर्ण

बरेली समेत रुहेलखंड में कृषि और निर्माण क्षेत्र से जुड़े ट्रैक्टर, ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर, हार्वेस्टर और अन्य विशेष वाहनों की संख्या महत्वपूर्ण है। ऐसे वाहनों के लिए यदि RTO स्तर पर मैनुअल फिटनेस की अनुमति प्रभावी होती है तो उन्हें ATS तक ले जाने की जरूरत कम हो सकती है। बरेली में ATS व्यवस्था पहले से संचालित होने की रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है।

बदायूं में मिल चुका है मैनुअल फिटनेस का उदाहरण

मैनुअल फिटनेस की वापसी केवल सैद्धांतिक संभावना नहीं है। अप्रैल 2026 में बदायूं में शासन के आदेश के बाद मैनुअल फिटनेस फिर शुरू किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक यह सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक के लिए शुरू की गई थी।

केंद्रीय रिकॉर्ड में ATS का विस्तार

23 जुलाई के लोकसभा जवाब के मुताबिक 17 जुलाई 2026 तक देश में 276 ATS 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित थे। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ATS की संख्या बढ़ाने के लिए मई 2026 में पात्रता शर्तों में ढील दी गई थी।

27 श्रेणियों की सूची की पुष्टि बाकी

फिलहाल खबर का सबसे अहम तथ्य यही है कि मैनुअल फिटनेस को लेकर केंद्रीय नीति में राज्य-विशिष्ट राहत की व्यवस्था मौजूद है, लेकिन वायरल संदेश में बताई गई 27 श्रेणियों की पूरी सूची के मूल पत्र की पुष्टि जरूरी है। इसलिए इसे सीधे “केंद्र सरकार ने आज 27 वाहनों को मैनुअल फिटनेस की अनुमति दे दी” के रूप में प्रकाशित करने के बजाय “27 श्रेणियों के लिए मैनुअल फिटनेस की अनुमति संबंधी सूची सामने आने का दावा” लिखना अधिक तथ्य-संतुलित होगा

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