बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े के तहत मंगलवार को हिंदी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पहली बार विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए अलग-अलग हिंदी क्विज कराने की पहल की। प्रतियोगिता का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार को हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति से जोड़ना रहा।
15 शिक्षकों ने लिया हिस्सा, कई चरणों में हुई प्रतियोगिता
शिक्षक वर्ग की प्रतियोगिता सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुई। इसमें विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभागों के 15 शिक्षकों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में शब्द-बोध, मुहावरे-लोकोक्तियां, आसपास की हिंदी, साहित्यकारों की पहचान और हिंदी साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े सवाल पूछे गए। तय समय में सवालों के जवाब देने की चुनौती ने प्रतियोगिता को रोचक बनाए रखा।
कर्मचारी वर्ग में 20 प्रतिभागी
शिक्षकों की प्रतियोगिता के बाद शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए हिंदी प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यालयों और विभागों से जुड़े 20 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रतिभागियों में सवालों के जवाब देने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
निर्णायक और संचालक की रही अहम भूमिका
शिक्षक वर्ग की प्रतियोगिता में प्रो. संजय गर्ग और प्रो. तुलिका सक्सेना ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कर्मचारी वर्ग की प्रतियोगिता में प्रो. शोभना सिंह और डॉ. प्रेम पाल सिंह निर्णायक रहे। कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. अनीता त्यागी ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों और प्रक्रिया की जानकारी दी। हिंदी के प्रवक्ता कृष्ण केतन ने प्रतियोगिता का संचालन किया।
कुलपति की प्रेरणा से पहली बार हुई पहल
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय की प्रेरणा और मार्गदर्शन में इस बार तीनों वर्गों के लिए अलग-अलग हिंदी प्रश्नोत्तरी कराने की पहल की गई है। आयोजकों के अनुसार, इसका मकसद हिंदी के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालय परिवार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाना है। आयोजन में सहयोग करने वाले प्रतिभागियों, निर्णायकों, समन्वयकों और अन्य सदस्यों का आभार जताया गया।