बरेली। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के आरोग्य प्रकल्प के तहत बरेली के त्रिवटीनाथ मंदिर में आयुर्वेदा डे मनाया गया। कार्यक्रम में लोगों को आयुर्वेद के महत्व की जानकारी देते हुए इसे दैनिक जीवन और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में साध्वी वंदना भारती ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारियों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों से बचाव और स्वास्थ्य संरक्षण की जीवन पद्धति भी है। उन्होंने लोगों को संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और ऋतु के अनुसार खानपान व जीवनशैली अपनाने के बारे में जानकारी दी।
बीमारी के बाद इलाज ही नहीं, बचाव भी जरूरी
साध्वी वंदना भारती ने वर्तमान की भागदौड़ भरी जीवनशैली में स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीमारी होने के बाद उपचार कराने के साथ ही रोगों से बचाव और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने पर भी ध्यान देना चाहिए। आयुर्वेद में स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम् की अवधारणा इसी सोच को आगे बढ़ाती है। कार्यक्रम में प्राकृतिक तरीके से स्वास्थ्य संरक्षण, खानपान की आदतों और दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले आयुर्वेदिक सिद्धांतों की जानकारी भी दी गई।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा
संस्थान की ओर से बताया गया कि आरोग्य प्रकल्प के माध्यम से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आयुर्वेदा डे के आयोजन में भी लोगों को भोजन, दिनचर्या और मौसम के अनुरूप जीवनशैली में बदलाव के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद के पारंपरिक सिद्धांतों को आधुनिक जीवनशैली में शामिल करने के तरीके बताए गए।