बरेली। नगर निगम में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के आवेदन बेवजह लंबित रखना अब कर्मचारियों को भारी पड़ सकता है। कर्मचारी की लापरवाही से आवेदन के निस्तारण में देरी हुई और भवन स्वामी पर अतिरिक्त ब्याज या बिल की रकम बढ़ी तो यह धनराशि संबंधित कर्मचारी के वेतन से वसूली जाएगी। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कर विभाग की समीक्षा बैठक में इसके सख्त निर्देश दिए हैं।
नगर आयुक्त ने ओटीएस के तहत लंबित आवेदनों के साथ वित्तीय वर्ष की राजस्व वसूली की समीक्षा की। अधिकारियों के स्तर पर स्थिति संतोषजनक मिली, लेकिन डिमांड लिपिक, राजस्व निरीक्षक और कर संग्रहकर्ताओं के स्तर पर कई आवेदन लंबित पाए गए। इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
अफसरों की टेबल साफ, निचले स्तर पर अटकीं फाइलें
समीक्षा में मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी, कर अधीक्षक मुन्नाराम और कर अधीक्षक रामसेवक राम के कार्यालय स्तर पर ओटीएस से संबंधित कोई आवेदन लंबित नहीं मिला। इसके विपरीत लिपिकों, राजस्व निरीक्षकों और कर संग्रहकर्ताओं के स्तर पर पत्रावलियां लंबित मिलीं। जांच में सामने आया कि कुछ संपत्ति स्वामियों ने बकाया कर में मूलधन और ब्याज की अलग-अलग गणना कराने के लिए आवेदन दिए थे। इन आवेदनों को भी बिना ठोस कारण लंबित रखा गया। नगर आयुक्त ने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को ऐसे मामलों की जांच कर संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है।
देरी से बढ़ा बिल तो वेतन से होगी भरपाई
नगर आयुक्त ने कहा भवन स्वामी मूलधन और ब्याज अलग-अलग कराकर टैक्स जमा करने के लिए आवेदन देता है तो उसका निर्धारित समय में निस्तारण करना होगा। कर्मचारी की लापरवाही से देरी होने पर यदि अतिरिक्त ब्याज जुड़ता है या बिल की रकम बढ़ती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारी की मानी जाएगी। दोषी पाए जाने पर बढ़ी हुई रकम उसके वेतन से काटकर जमा कराई जाएगी। बिना ठोस कारण पत्रावली रोकने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी।
वार्डवार तय होगा ओटीएस का लक्ष्य
ओटीएस योजना को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए अब वार्डवार लक्ष्य तय किए जाएंगे। निर्धारित अवधि में लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों और राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने वित्तीय वर्ष की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में कम वसूली करने वाले राजस्व निरीक्षकों और कर संग्रहकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिन वार्डों में राजस्व वसूली सबसे कम रही है, वहां तैनात कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि देने के लिए प्रस्ताव तैयार कर तत्काल प्रस्तुत करने को कहा गया है।
हर आवेदन पर रहेगी नजर
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के निर्देश के बाद कर विभाग में ओटीएस आवेदनों के निस्तारण से लेकर वार्डवार राजस्व वसूली तक कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ा दी गई है। अब आवेदन को केवल फाइल में लंबित रखना ही कार्रवाई का आधार नहीं बनेगा, बल्कि देरी से भवन स्वामी पर बढ़ने वाली आर्थिक देनदारी की भरपाई भी जिम्मेदार कर्मचारी से कराई जाएगी।