बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े के तहत शनिवार को सुलेख लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, संवर्धन और शुद्ध प्रयोग के उद्देश्य से हुई प्रतियोगिता में करीब 85 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया और उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
सुंदर अक्षरों के साथ शुद्ध भाषा की परीक्षा
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एक समान गद्यांश दिया गया, जिसे निर्धारित समय में सुंदर, स्पष्ट और व्यवस्थित हस्तलिपि में लिखना था। प्रतिभागियों ने सही वर्तनी, मात्राओं, विराम चिह्नों, शब्दों व पंक्तियों के बीच उचित अंतर और लेखन की एकरूपता का विशेष ध्यान रखा। प्रतियोगिता के जरिए विद्यार्थियों को शुद्ध और सुव्यवस्थित हिंदी लेखन के लिए प्रेरित किया गया।
सुलेख से एकाग्रता और अनुशासन का अभ्यास
सुलेख को केवल सुंदर लिखावट तक सीमित न रखते हुए इसे एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन और भाषायी शुद्धता से जोड़कर देखा गया। प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अक्षरों की स्पष्टता, समान आकार, सही मात्रा-वर्तनी, संतुलित पंक्तियों और स्वच्छ प्रस्तुतीकरण का अभ्यास कराया।
डिजिटल दौर में हस्तलिखित लेखन का महत्व
कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि सुलेख विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और शैक्षणिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुंदर लेखन के साथ शुद्ध भाषा, सही वर्तनी, स्पष्ट अक्षर और विचारों को व्यवस्थित ढंग से अभिव्यक्त करने की क्षमता अच्छे लेखन की पहचान है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते दौर में भी हस्तलिखित लेखन का अपना महत्व है। नियमित सुलेख अभ्यास से विद्यार्थियों में एकाग्रता, धैर्य और सूक्ष्म निरीक्षण की क्षमता विकसित होती है।
प्रतिभागियों में दिखा खास उत्साह
सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को हिंदी को पढ़ने और समझने के साथ उसे सुंदर एवं शुद्ध रूप में लिखने का भी अभ्यास मिलता है।
निर्णायक मंडल ने परखी लेखन की बारीकियां
प्रतियोगिता के आयोजन में कुलसचिव श्री महेंद्र कुमार सिंह, समन्वयक प्रो. विजय बहादुर यादव, सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. ज्योति पाण्डेय तथा निर्णायक मंडल की सदस्य प्रो. रीना पंत और डॉ. इंदरप्रीत कौर का सहयोग रहा। प्रतियोगिता में पूनम, पिंकी, सचिन, शिवानी, अर्चना, साक्षी, तेजवती, प्रियंका, माही, काव्यांश, सिंधु, विशेष, निलेश, नैना, भारती, हरभजन, श्रुति, अजीत, प्रकाश, विशाल, शुचि, सबिया, मानसी, केशव, अरीबा, रूमा, नेहा, सिमरन, राका और सुहानी समेत अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।