बरेली। जीजा से प्रेम संबंधों के बीच बड़ी बहन के रोड़ा बनने पर छोटी बहन ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। वर्ष 2011 में वह बड़ी बहन को शौच के बहाने खेत की ओर ले गई, जहां जीजा के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद चार लोगों द्वारा बहन को अगवा किए जाने की कहानी भी गढ़ी गई, लेकिन पुलिस जांच में राज खुल गया। करीब 15 साल पुराने इस हत्याकांड में एडीजे प्रथम की अदालत ने छोटी बहन को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी जीजा की मौत हो चुकी है।
जीजा और साली के बीच हो गए थे संबंध
मामला भोजीपुरा थाना क्षेत्र का है। मृतका के भाई ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी बहन का निकाह पीलीभीत के जहानाबाद क्षेत्र के गांव भानडांडी निवासी युवक से हुआ था। आरोप था कि शादी के बाद उसकी छोटी बहन और जीजा के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। 18 जून 2011 को बड़ी बहन अपने पति के साथ मायके आई थी। उसी रात करीब साढ़े आठ बजे छोटी बहन उसे शौच के बहाने खेतों की ओर ले गई। आरोप था कि वहां पहले से बनाई गई योजना के तहत छोटी बहन ने अपने जीजा के साथ मिलकर बड़ी बहन की हत्या कर दी।
हत्या के बाद गढ़ी अपहरण की कहानी
वारदात को छिपाने के लिए छोटी बहन ने शोर मचाकर दावा किया कि चार लोग उसकी बहन को उठाकर ले गए हैं। सूचना पर भोजीपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो अपहरण की कहानी पर संदेह हुआ और हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने मृतका के पति और उसकी छोटी बहन को गिरफ्तार कर दोनों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
12 गवाहों की गवाही के बाद फैसला
मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम की अदालत में चली। मुकदमे के विचारण के दौरान हत्या के आरोपी मृतका के पति की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 12 गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने मृतका की छोटी बहन को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने दोषी युवती को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।