बरेली। सात या उससे ज्यादा सीट वाले निजी वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत आई है। अब उन्हें अपने वाहन की फिटनेस कराने के लिए हर साल परिवहन कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। परिवहन आयुक्त ने इस श्रेणी के निजी वाहनों की वार्षिक फिटनेस की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अकेले बरेली मंडल में इस फैसले से 10,795 वाहन मालिकों को फायदा होगा।
अभी तक चालक को छोड़कर छह से अधिक सीट क्षमता यानी कुल सात या उससे ज्यादा सीट वाले निजी वाहनों को हर साल फिटनेस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। वाहन भले ही परिवार के निजी इस्तेमाल में हो, लेकिन सीट क्षमता अधिक होने पर वार्षिक फिटनेस जरूरी थी। अब परिवहन आयुक्त के 15 सितंबर को जारी आदेश के बाद इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है।
समय भी बचेगा, फिटनेस का खर्च और दौड़भाग भी घटेगी
नई व्यवस्था का सीधा फायदा उन लोगों को होगा, जिनके पास सात या उससे अधिक सीट क्षमता वाली बड़ी निजी गाड़ियां हैं। हर साल फिटनेस के लिए वाहन लेकर परिवहन विभाग की प्रक्रिया पूरी करने की बाध्यता नहीं रहेगी। इससे वाहन मालिकों की दौड़भाग कम होने के साथ समय और फिटनेस से जुड़े खर्च की भी बचत होगी। बरेली मंडल के चारों जिलों में इस श्रेणी के 10,795 निजी वाहन पंजीकृत हैं। इनमें सबसे ज्यादा 3165 वाहन पीलीभीत में हैं। इसके बाद बदायूं में 2727, शाहजहांपुर में 2654 और बरेली में 2249 वाहन हैं। यानी नए आदेश का असर मंडल में दस हजार से ज्यादा वाहन मालिकों पर पड़ेगा।
निजी वाहन हैं तो राहत, कमर्शियल गाड़ियों के नियम नहीं बदले
यह राहत सभी वाहनों के लिए नहीं है। आदेश का लाभ संबंधित श्रेणी के निजी वाहनों को ही मिलेगा। परिवहन और व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। जिन वाहनों पर परमिट, फिटनेस या दूसरे वैधानिक प्रावधान लागू हैं, उनके नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आरटीओ पंकज सिंह के मुताबिक परिवहन आयुक्त के नए आदेश से बरेली मंडल के 10,795 निजी वाहन मालिक लाभान्वित होंगे। अब आदेश के दायरे में आने वाले निजी वाहनों को प्रत्येक वर्ष फिटनेस कराने की बाध्यता नहीं रहेगी।