bareillyबैठक करते डीएम।

बरेली। छात्रवृत्ति का इंतजार कर रहे बरेली के हजारों छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खबर है। शैक्षिक सत्र 2026-27 की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है। लेकिन डीएम अविनाश सिंह की समीक्षा में स्कूलों की लापरवाही भी सामने आई। अलग-अलग श्रेणियों में 83 विद्यालयों का डाटा अपडेशन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इतना ही नहीं, बैठक से कई अधिकारी और विद्यालय प्रबंधक भी गायब रहे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।

कक्षा 9 से 12 तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले नए विद्यार्थियों के पास ज्यादा समय नहीं बचा है। नए छात्रों के ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 21 सितंबर 2026 निर्धारित है। स्कूलों को इन आवेदनों का सत्यापन कर 15 अक्टूबर तक आगे भेजना होगा। ऑनलाइन आवेदन करने भर से प्रक्रिया पूरी नहीं होगी। छात्र को आवेदन की हार्डकॉपी जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने स्कूल में भी जमा करनी होगी। कक्षा 11 और 12 को छोड़कर उच्च कक्षाओं के नवीनीकरण वाले छात्र 15 सितंबर से 15 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं उच्च कक्षाओं में नए प्रवेश वाले छात्र-छात्राओं को 31 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन और हार्डकॉपी जमा करने का मौका दिया गया है। इसके बाद संस्थानों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और डाटा की जांच होगी।

सिर्फ फॉर्म भरने से नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति, बायोमेट्रिक भी जरूरी

इस बार संस्थानों की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है। छात्र का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करने के साथ उसके प्राप्तांक, पूर्णांक और उपस्थिति का रिकॉर्ड भी दर्ज करना होगा। जांच में छात्र अपात्र मिला तो उसका डाटा निरस्त किया जाएगा। पात्र छात्रों का रिकॉर्ड सत्यापित कर आगे भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया 15 सितंबर से 25 अक्टूबर तक चलेगी। नए छात्रों के आवेदन के बाद संस्थान स्तर पर बायोमेट्रिक और डाटा सत्यापन 10 नवंबर तक किया जा सकेगा। डीएम की बैठक में जब स्कूलों के मास्टर डाटा प्रोफाइल अपडेशन की रिपोर्ट सामने आई तो कई संस्थान पिछड़े मिले। पूर्वदशम छात्रवृत्ति में 457 विद्यालयों में 445 ने काम पूरा किया है। दशमोत्तर में 304 में से 280 विद्यालय प्रोफाइल अपडेट कर चुके हैं, जबकि 24 अभी पीछे हैं। सबसे ज्यादा सुस्ती दशमोत्तर उच्च कक्षाओं से जुड़े संस्थानों में सामने आई। यहां 261 विद्यालयों में सिर्फ 214 ने प्रोफाइल अपडेट की है। विभिन्न श्रेणियों में कुल 83 विद्यालयों का काम बाकी बताया गया।

कहीं स्कूल बंद तो कहीं एक भी छात्र नहीं

अधूरे डाटा की वजह भी बैठक में सामने आई। विभाग के मुताबिक इनमें कई विद्यालय बंद हो चुके हैं, जबकि कुछ संस्थानों में छात्र नामांकन नहीं है। बाकी संबंधित संस्थानों से जल्द डाटा अपडेट कराने को कहा गया है, ताकि उनकी लापरवाही की वजह से पात्र छात्र की छात्रवृत्ति न अटके। छात्रवृत्ति जैसे अहम मुद्दे की बैठक में कई संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधकों की गैरमौजूदगी पर डीएम अविनाश सिंह ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति की समय-सारिणी के मुताबिक आवेदन, सत्यापन और डाटा अग्रसारण का काम पूरा किया जाए। किसी संस्थान की लापरवाही के कारण पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित नहीं होना चाहिए।

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