सत्य निकेतन हादसे में मृत छात्रों-मजदूरों को दी श्रद्धांजलि, कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं पर जताई चिंता
बरेली, 15 सितंबर। दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे में छात्रों और मजदूरों की मौत को लेकर मंगलवार को बरेली कॉलेज, बरेली में परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) और छात्र शक्ति परिषद के बैनर तले सभा आयोजित की गई। सभा में हादसे में मारे गए छात्रों और मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद छात्रों ने बरेली कॉलेज की जर्जर इमारतों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर प्राचार्य को संबोधित ज्ञापन चीफ प्रॉक्टर प्रो. इंदीवर सिंह को सौंपा।
सत्य निकेतन हादसे ने झकझोरा, पुराने भवनों की सुरक्षा जांच की मांग
सभा में पछास की निशा ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के निकट सत्य निकेतन में हुआ हादसा बेहद दुखद है। ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों और मजदूरों को श्रद्धांजलि देते हुए शासन-प्रशासन से पुराने भवनों की सुरक्षा जांच कराने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
बरेली कॉलेज की पुरानी इमारतों पर छात्रों को हादसे का डर
छात्र प्रतिनिधि देवाशीष ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना से सबक लेने की जरूरत है। बरेली कॉलेज की कई इमारतें काफी पुरानी हो चुकी हैं और उनकी स्थिति को लेकर विद्यार्थियों में चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज की सभी पुरानी इमारतों और कक्षाओं का सेफ्टी ऑडिट कराया जाना चाहिए, ताकि जर्जर हिस्सों और संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर उन्हें दुरुस्त किया जा सके।
हॉस्टल नहीं, महंगे कमरों में रहने को मजबूर छात्र
छात्र शक्ति परिषद के अभिषेक ने कहा कि बरेली कॉलेज में आसपास के शहरों और कस्बों से बड़ी संख्या में छात्र पढ़ने आते हैं। कॉलेज में हॉस्टल की सुविधा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को बाहर महंगे कमरों में रहना पड़ता है। उन्होंने कॉलेज परिसर में छात्रों के लिए हॉस्टल निर्माण की मांग उठाई।
पेयजल से लेकर शौचालय तक, बुनियादी सुविधाओं की कमी पर सवाल
पछास के कैलाश ने कॉलेज में छात्र-छात्राओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल, फीस जमा करने के लिए पर्याप्त काउंटर, कक्षाओं में पर्याप्त रोशनी, शौचालयों की उपलब्धता और नियमित सफाई जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें, जर्जर भवनों की तत्काल मरम्मत पर जोर
छात्र संगठनों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि कॉलेज की सभी पुरानी इमारतों और कक्षाओं का समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जिन भवनों में दरारें या जर्जर हिस्से हैं, उनकी तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में सत्य निकेतन जैसी किसी भी जानलेवा घटना की आशंका को टाला जा सके।
टूटे और गंदे वॉशरूम पर नाराजगी, नए शौचालय बनाने की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुपात में कॉलेज में वॉशरूम की भारी कमी है। मौजूद वॉशरूम भी कई जगह गंदे और टूटे-फूटे हैं। छात्रों ने पर्याप्त संख्या में सुरक्षित और स्वच्छ वॉशरूम का निर्माण कराने तथा उनकी उचित व्यवस्था और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की।
आरओ और पानी की टंकियों की नियमित सफाई की मांग
छात्रों ने कॉलेज में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी रखी। ज्ञापन में कहा गया कि मौजूद पानी की टंकियों और आरओ की नियमित सफाई कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।
छात्रों ने कहा—हॉस्टल बने, किराये के कमरों का बोझ घटे
छात्र संगठनों ने कहा कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी दूसरे शहरों और कस्बों से बरेली कॉलेज में शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। हॉस्टल सुविधा के अभाव में उन्हें निजी कमरों में रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। छात्रों ने कॉलेज में तत्काल हॉस्टल निर्माण की मांग दोहराई।
सभा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की मौजूदगी
सभा और ज्ञापन कार्यक्रम में दिशा, आदित्य सिंह, शफक, गुंजन, विकास दिवाकर, साहिल खान, फैसल खान, कपिल, अमित, अभिनव गौड़, झलक सक्सेना, अंजली, मुस्कान, वैष्णवी, काजल गंगवार, अर्चना समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।