बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के दौरान ही काम का अनुभव हासिल करने और कमाई करने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय ने अप्रेंटिसशिप एंबेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) का दायरा बढ़ाते हुए चार नए केंद्र शुरू करने की तैयारी की है। इनके संचालन के साथ विश्वविद्यालय से जुड़े एईडीपी केंद्रों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। यहां पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और निर्धारित मानदेय का लाभ मिलेगा।
कैंपस में दो केंद्र, ज्योति कॉलेज और बिल्सी में भी मंजूरी
अब तक विश्वविद्यालय से संबद्ध साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय में ही एईडीपी केंद्र संचालित था। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से चार और केंद्र जुड़ रहे हैं। इनमें दो केंद्र विश्वविद्यालय परिसर में स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा ज्योति कॉलेज और राजकीय महाविद्यालय बिल्सी, बदायूं में एक-एक केंद्र को मंजूरी मिली है। एईडीपी के लिए ऐसे संबद्ध महाविद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें नैक मान्यता प्राप्त है या जो एनआईआरएफ रैंकिंग के मानकों को पूरा करते हैं। चयनित संस्थानों को सत्र 2026-27 से स्वीकृत पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए अलग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
टूरिज्म से बैंकिंग तक की पढ़ाई
विश्वविद्यालय परिसर के दो केंद्रों पर बीबीए टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी और बीए बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को परंपरागत डिग्री के साथ उद्योगों की जरूरत के मुताबिक व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। ज्योति कॉलेज का चयन भी एईडीपी के लिए हुआ है। कॉलेज की ओर से बीबीए रिटेल समेत अन्य पाठ्यक्रमों का प्रस्ताव दिया गया है। प्रबंध निदेशक डीडी रावत के मुताबिक संस्थान का चयन हो चुका है, हालांकि पाठ्यक्रम का संचालन शुरू होने में अभी कुछ समय लगेगा।
बिल्सी में बीबीए रिटेल और हेल्थ
राजकीय महाविद्यालय बिल्सी का चयन बीबीए रिटेल और बीबीए हेल्थ पाठ्यक्रमों के लिए किया गया है। विश्वविद्यालय ने अन्य कॉलेजों से भी एईडीपी के तहत पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव मांगे थे। इनमें बीकॉम बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस, बीकॉम रिटेल एवं ऑपरेशन मैनेजमेंट और बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी ऑपरेशन जैसे रोजगार आधारित कोर्स शामिल हैं।
पढ़ाई के दौरान इंडस्ट्री का अनुभव, मिलेगा मानदेय
एईडीपी की सबसे बड़ी खासियत पाठ्यक्रम के साथ अप्रेंटिसशिप को जोड़ना है। विद्यार्थियों को संबंधित संस्थानों और उद्योगों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। इंटर्नशिप पूरी करने पर संबंधित संस्थान की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा और नियमों के अनुसार निर्धारित मानदेय भी मिलेगा। इससे डिग्री पूरी करने से पहले ही विद्यार्थी कार्यस्थल की जरूरतों और कामकाज के तरीके को समझ सकेंगे। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी विनय वर्मा के मुताबिक एईडीपी पाठ्यक्रमों को लेकर कॉलेजों ने रुचि दिखाई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए ‘पढ़ाई भी, कमाई भी’ की व्यवस्था तैयार करना है।
पिछले साल साहू रामस्वरूप कॉलेज से हुई थी शुरुआत
रुहेलखंड विश्वविद्यालय से जुड़े एईडीपी की शुरुआत पिछले वर्ष साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय से हुई थी। यहां बीबीए रिटेल पाठ्यक्रम के तहत केंद्र खोला गया था। अब चार नए केंद्र जुड़ने से योजना का विस्तार विश्वविद्यालय परिसर के साथ बरेली और बदायूं के कॉलेजों तक हो जाएगा।