बरेली। शहर के व्यस्त सौ फीटा तिराहे से गुजरते वक्त जल्द ही बिल्कुल अलग नजारा दिखाई देगा। बीच चौराहे पर त्रिशूल और डमरू की भव्य कलाकृति नजर आएगी, चारों तरफ फूल और हरियाली होगी और रात होते ही आकर्षक रोशनी पूरे इलाके की तस्वीर बदल देगी। नाथ कॉरिडोर के इस अहम तिराहे को शिव नाद चौक नाम देकर नए रूप में संवारने की तैयारी है। इसके साथ यहां लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था में भी बड़े बदलाव की योजना बनाई गई है।
सौ फीटा तिराहा नाथ कॉरिडोर के दो महत्वपूर्ण रास्तों का मिलन स्थल है। एक तरफ से आदिनाथ चौक और दूसरी ओर से त्रिलोकी चौक का रास्ता यहां आकर मिलता है। अब इसी तिराहे को भगवान शिव की पहचान से जोड़ते हुए शिव नाद चौक बनाया जाएगा। चौराहे की केंद्रीय रोटरी पर त्रिशूल और डमरू को मिलाकर भव्य कलाकृति तैयार की जाएगी। यही कलाकृति नए चौक की सबसे बड़ी पहचान होगी। शिव नाद चौक को सिर्फ नाम देकर नहीं छोड़ा जाएगा। इसे ऐसा स्वरूप देने की तैयारी है कि यहां से गुजरने वाले लोगों की नजर खुद-ब-खुद चौराहे पर टिक जाए। रोटरी और आसपास विशेष लाइटिंग होगी। हरित पट्टियों के साथ मौसमी फूल और सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। दिन में हरियाली और फूल चौक की खूबसूरती बढ़ाएंगे तो रात में रोशनी के बीच त्रिशूल-डमरू अलग ही नजारा पेश करेंगे।
जाम से राहत का भी प्लान, सड़क चौड़ी करने की तैयारी
सौ फीटा तिराहे की सबसे बड़ी परेशानी ट्रैफिक का दबाव है। वाहनों की संख्या बढ़ने पर यहां अक्सर जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इसलिए सौंदर्यीकरण के साथ ट्रैफिक सुधार को भी योजना में शामिल किया गया है। सैटेलाइट क्षेत्र से इज्जतनगर बैरियर चौकी तक सड़क चौड़ी करने की तैयारी है। बीडीए इस हिस्से का सर्वे और तकनीकी परीक्षण करा चुका है। अब यह देखा जा रहा है कि यातायात को ज्यादा जगह देने के लिए कहां और किस तरह बदलाव किए जाएं। शिव नाद चौक की दूसरी बड़ी खासियत इसकी करीब 100 फीट लंबी विकास गाथा दीवार होगी। यहां आने वाले लोगों को एक ही जगह बरेली में चल रही बड़ी परियोजनाओं की झलक दिखाई देगी। दीवार पर ग्रेटर बरेली, रामगंगा नगर, सप्त नाथ ईको सिटी, कैनाल फ्रंट और जटायु पार्क समेत शहर की प्रमुख विकास और पर्यटन परियोजनाओं को आकर्षक अंदाज में उकेरा जाएगा।
एयरपोर्ट से शहर में आते ही दिखेगा नया बरेली
इस पूरे बदलाव को एयरपोर्ट रूट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बरेली एयरपोर्ट से शहर की तरफ आने वाले यात्री और पर्यटक जब नाथ कॉरिडोर से गुजरेंगे तो उन्हें धार्मिक पहचान के साथ आधुनिक होते शहर की तस्वीर भी दिखाई देगी। त्रिशूल-डमरू, लाइटिंग, हरियाली और विकास गाथा दीवार इस हिस्से को शहर के प्रमुख आकर्षण में बदल सकती है। बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडे के मुताबिक नाथ कॉरिडोर में काम का मकसद धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को बेहतर यातायात और व्यवस्थित शहरी विकास से जोड़ना है। शिव नाद चौक भी इसी योजना का हिस्सा है। यहां सौंदर्यीकरण के साथ लोगों की रोजमर्रा की यातायात समस्या कम करने पर भी फोकस रहेगा।