बरेली। उर्स-ए-सकलैनी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। खानकाह-ए-सकलैनिया शराफतिया में बुधवार को हुई प्रेस वार्ता में उर्स के कार्यक्रमों का ऐलान किया गया। 13 सितंबर से शुरू होकर 17 सितंबर तक चलने वाले उर्स में देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचेंगे। आयोजकों ने उर्स को भाईचारे और सौहार्द के माहौल में कराने की तैयारी की है।
3 वां उर्स–ए–सकलैनी का आगाज 13 सितंबर को दोपहर तीन बजे जुलूसे परचम कुशाई के साथ होगा। दरगाह शरीफ से निकलने वाला जुलूस ब्रह्मपुरा, शाहबाद चौक, कोहाड़ापीर चौराहा, नैनीताल रोड, कुतुबखाना चौराहा और गली मनिहारान होते हुए वापस दरगाह पहुंचेगा। जुलूस के रास्ते में बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंद शामिल होंगे।
मुशायरे से लेकर सूफी प्रवचन तक, चार दिन चलेगा कार्यक्रम
उर्स के दौरान अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। 14 सितंबर की रात नौ बजे ऑल इंडिया तरही मुशायरा आयोजित किया जाएगा। 15 सितंबर की रात दीवानखाना चौक पर तकरीरी कार्यक्रम होगा। इसके अगले दिन 16 सितंबर को खास उलमा-ए-किराम का तकरीरी और सूफी प्रवचन कार्यक्रम होगा। 17 सितंबर की सुबह 11 बजे कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन किया जाएगा।
महाराष्ट्र और गुजरात से आएगा 700 जायरीन का कारवां
उर्स में इस बार महाराष्ट्र और गुजरात से करीब 700 जायरीन का बड़ा कारवां बरेली पहुंचेगा। आयोजकों के मुताबिक कारवां लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से आएगा और 15 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे बरेली जंक्शन पहुंचेगा। जायरीन के स्वागत के लिए जंक्शन पर कैंप लगाया जाएगा, जहां नाश्ते और पानी समेत जरूरी इंतजाम रहेंगे।
उर्स से पहले 40 जरूरतमंद बेटियों के हाथ होंगे पीले
उर्स के मौके पर 10 सितंबर को जरूरतमंद बेटियों के सामूहिक विवाह का आयोजन भी होगा। अब तक करीब 40 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन होने की बात कही गई है। बिशप मंडल इंटर कॉलेज मैदान में शाम चार बजे से रात 10 बजे तक कार्यक्रम चलेगा। आयोजकों के मुताबिक सभी नवविवाहित जोड़ों को घरेलू जरूरत का सामान भी दिया जाएगा।
इस बार उर्स में फिर दिखाई देंगे चादरों के जुलूस
पिछले महीने हुए उर्स-ए-शराफती के दौरान सावन और कांवड़ यात्रा के कारण परंपरागत चादरों के जुलूस शामिल नहीं हो सके थे। आयोजकों का कहना है कि इस बार वे सभी पारंपरिक चादरों के जुलूस उर्स-ए-सकलैनी में शामिल होंगे। इसकी जानकारी पुलिस और प्रशासन को भी दी जा चुकी है।
जायरीन के लिए ठहरने का इंतजाम, 300 वालेंटियर्स संभालेंगे मोर्चा
उर्स में भीड़ को देखते हुए जायरीन के ठहरने के लिए दरगाह परिसर के अलावा आसपास के मकानों और शादी हॉल में भी इंतजाम किए गए हैं। व्यवस्थाओं को संभालने के लिए करीब 300 वालेंटियर्स लगाए जाएंगे। ये वालेंटियर्स जायरीन को ठहरने, रास्ते और दूसरी जरूरी सुविधाओं में मदद करेंगे।
सुरक्षा से लेकर पार्किंग तक, प्रशासन से मांगी गईं सुविधाएं
उर्स के दौरान भीड़ और जुलूस को देखते हुए आयोजकों ने पुलिस-प्रशासन से पर्याप्त सुरक्षा बल, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था की मांग की है। इसके अलावा जुलूस मार्ग की सफाई, पथ प्रकाश, पेयजल, मोबाइल शौचालय और बिजली की निर्बाध व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया है। आयोजकों ने लोगों से उर्स को शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है।