बरेली। इज्जतनगर में लोन की किश्तें नहीं चुकाने पर टाटा कैपिटल हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने मकान पर सील और ताला लगा दिया। कंपनी का आरोप है कि मकान मालिक दंपती ने सील और ताला तोड़कर दोबारा मकान पर कब्जा कर लिया और उसमें रहने लगे। मामले में कंपनी के कलेक्शन मैनेजर ने दंपती और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
रहपुरा चौधरी निवासी चांद मियां और उनकी पत्नी कमर जहां ने टाटा कैपिटल से दो अलग-अलग लोन खातों के तहत कुल 46,60,217 रुपये का गृह लोन लिया था। लोन के बदले 128.35 वर्ग मीटर का भूखंड कंपनी के पास बंधक रखा गया था। इसी भूखंड पर बाद में मकान बनाया गया।
किश्तें नहीं चुकाईं तो खाता हुआ NPA
कंपनी के मुताबिक दंपती ने लोन की किश्तें नियमित रूप से नहीं चुकाईं। इसके चलते 6 मई 2023 को ऋण खाता NPA घोषित कर दिया गया। इसके बाद कंपनी ने 16 मई 2023 को बकाया रकम जमा करने के लिए नोटिस जारी किया। कंपनी ने मकान का कब्जा लेने के लिए न्यायालय में कार्रवाई की। 26 दिसंबर 2023 को संपत्ति का भौतिक कब्जा लेने का आदेश हुआ। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस की मौजूदगी में मकान का कब्जा लिया गया। मकान में ताला लगाने के साथ सील कर दिया गया।
23 अगस्त को पहुंचे तो टूटी मिली सील
कंपनी के कलेक्शन मैनेजर अमित कुमार के मुताबिक 23 अगस्त 2026 को मकान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मकान का ताला और सील टूटी मिली। कंपनी का आरोप है कि चांद मियां और कमर जहां ने अज्ञात लोगों के साथ मिलकर ताला और सील तोड़ी और मकान में दोबारा प्रवेश कर रहने लगे। कंपनी ने इसे अपने कब्जे में हस्तक्षेप बताते हुए कार्रवाई की मांग की। कलेक्शन मैनेजर अमित कुमार ने 2 सितंबर 2026 को इज्जतनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने चांद मियां, कमर जहां और अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।