up newsआरोपी निर्दोष व एसएसपी ऑफिस पहुंचे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता

बरेली। वीडियो वायरल होने से आहत होकर आत्महत्या करने वाली नाबालिग छात्रा के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। छात्रा के भाई की तहरीर पर वीडियो बनाकर वायरल करने के आरोप में नामजद तीन गोरक्षकों ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं हिंदू जागरण मंच समेत कई हिंदू संगठनों ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच कराने की मांग की है।

सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दी सफाई

मामले में नामजद आरोपी निर्दोष राठौर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उसके संगठन के लोगों ने केवल पुलिस को सूचना देकर होटल में मौजूद मुस्लिम युवकों को पकड़वाया था। उसका कहना है कि किसी युवती की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई और केवल पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा किया गया था। उसने इसे अपराध मानने से इनकार करते हुए कहा कि उसके और साथियों के खिलाफ रंजिशन गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है।

पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

निर्दोष राठौर ने आरोप लगाया कि वह पहले भी गोमांस मिलने जैसी घटनाओं में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है, इसी वजह से उसे निशाना बनाया जा रहा है। उसने कहा कि इस कार्रवाई से भविष्य में कोई भी हिंदू संगठन किसी हिंदू लड़की की मदद के लिए आगे आने से डरेगा। साथ ही कहा कि यदि उसे जेल भी जाना पड़ा तो बाहर आने के बाद भी वह गोरक्षा का कार्य जारी रखेगा।

एसएसपी कार्यालय पहुंचा हिंदू जागरण मंच

गुरुवार को हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार फौजी के नेतृत्व में विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में थाना बिथरी चैनपुर में दर्ज एफआईआर में हिमांशु पटेल, देवेंद्र पटेल और निर्दोष राठौर को बिना ठोस एवं विश्वसनीय साक्ष्य के नामजद किए जाने का आरोप लगाया गया।

न वीडियो बनाया, न पहचान उजागर की

ज्ञापन में दावा किया गया कि घटना के समय देवेंद्र पटेल अपने घर पर थे, जबकि निर्दोष राठौर और हिमांशु पटेल पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद वहां पहुंचे थे। उनका कहना है कि उनकी किसी युवती से मुलाकात नहीं हुई और उन्होंने केवल मौके पर मौजूद एक युवक से सामान्य जानकारी ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि न तो किसी युवती का वीडियो बनाया गया और न ही उसकी पहचान सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की गई।

तकनीकी साक्ष्यों का दिया हवाला

ज्ञापन में कहा गया कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्षदर्शी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल या अन्य तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार फौजी ने आरोप लगाया कि तीनों युवकों को दुर्भावनावश मुकदमे में फंसाया गया है। उन्होंने एसएसपी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों के आधार पर जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की।

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