बरेली। नाथ नगरी बरेली में अब जटायु सिर्फ रामायण की कहानी का हिस्सा नहीं रहेंगे, बल्कि शहर में नारी सम्मान और सुरक्षा का संदेश देने वाले प्रतीक बनकर सामने आएंगे। नाथ कॉरिडोर के तहत आदीनाथ चौक के पास करीब 10 हजार वर्गमीटर जमीन पर ऐसा अनूठा उद्यान विकसित किया जाएगा, जिसकी पूरी थीम जटायु के साहस, धैर्य और त्याग पर आधारित होगी। यहां आने वाले लोगों को मनोरंजन के साथ नारी सम्मान और सुरक्षा का संदेश भी मिलेगा।
माता सीता को रावण से बचाने के लिए जटायु ने अपनी जान की परवाह किए बिना उससे युद्ध किया था। उम्र और ताकत की परवाह किए बिना जटायु ने नारी की रक्षा के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष किया। इसी कहानी को आधुनिक दौर के संदेश से जोड़कर उद्यान तैयार किया जा रहा है।
रक्षाबंधन पर लिया जाएगा बड़ा संकल्प
उद्यान में ऐसा संकल्प प्रांगण बनाया जाएगा, जहां लोग नारी सम्मान, गरिमा और सुरक्षा की रक्षा का संकल्प ले सकेंगे। रक्षाबंधन के मौके पर जटायु के बलिदान को नारी सुरक्षा से जोड़कर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। यानी राखी के धागे के साथ नारी सम्मान की जिम्मेदारी का संदेश भी दिया जाएगा। उद्यान में प्रवेश करते ही स्वागत प्रांगण में जटायु की वीरगाथा और मातृशक्ति का परिचय मिलेगा। इसके बाद शक्ति पथ पर प्रेरक संदेश, विचार और कलात्मक स्थापनाएं लोगों को नारी शक्ति की कहानी बताएंगी। वहीं शक्ति रंगमंच पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद होंगे। वीरांगना चौक और वीरांगना उद्यान देश और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को समर्पित किए जाएंगे।
बीच में होगा विशाल जटायु, फव्वारे और रोशनी बढ़ाएंगे रौनक
उद्यान का सबसे बड़ा आकर्षण बीच में स्थापित होने वाली विशाल जटायु प्रतिमा होगी। प्रतिमा के आसपास प्रतीकात्मक पंख, फव्वारे और जल तत्व लगाए जाएंगे। विशेष लाइटिंग के जरिए इसे ऐसा रूप देने की तैयारी है कि दिन के साथ रात में भी यह जगह लोगों को आकर्षित करे। यह सिर्फ प्रतिमा देखने की जगह नहीं होगी। बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन क्षेत्र, परिवारों के लिए विश्राम की सुविधा और भोजन प्रांगण भी विकसित किया जाएगा। इससे उद्यान शहरवासियों के साथ बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी घूमने-फिरने का नया ठिकाना बन सकता है।
नाथ कॉरिडोर में जुड़ेगी शक्ति की नई कहानी
नाथ परंपरा में मां पार्वती को शक्ति का स्वरूप माना गया है। इसी शक्ति भाव को जटायु के साहस और नारी रक्षा के संदेश से जोड़ा गया है। उद्यान के जरिए संस्कृति, नारी सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और पर्यटन को एक ही जगह पर जोड़ने की कोशिश होगी। बीडीए
उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि जटायु ने माता सीता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देकर नारी सम्मान और सुरक्षा की मिसाल कायम की थी। इसी साहस और त्याग को आज के समाज से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उद्देश्य है कि उद्यान में आने वाला हर व्यक्ति यहां से नारी सम्मान का संदेश लेकर जाए।