बरेली। फरीदपुर में हुए हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अपने ही सगे भाई की बेरहमी से हत्या कर फरार चल रहे आरोपी फैजान उर्फ विक्की को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सीमेंट की ईंट भी बरामद कर ली गई है। हत्या की वारदात में दो अन्य युवक अमन और जीशान भी शामिल थे, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
थाना फरीदपुर में 19 जून को नसरीन पत्नी स्वर्गीय महमूद निवासी मोहल्ला शांतिनगर की तहरीर पर फैजान उर्फ विक्की के खिलाफ उसके सगे भाई सारिफ की हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। बुधवार को फरीदपुर पुलिस ने आरोपी फैजान उर्फ विक्की को मोहल्ला फर्रखपुर स्थित घटनास्थल वाले मकान से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई ईंट भी बरामद कर ली गई।
नशे में पहुंचे भाई से शुरू हुआ विवाद, बन गया हत्या का कारण
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात वह अपनी पत्नी के साथ बरामदे में चारपाई पर सो रहा था। रात करीब 12 बजे उसका बड़ा भाई सारिफ नशे की हालत में वहां पहुंचा और अभद्रता करते हुए दोनों को चारपाई से नीचे गिरा दिया। आरोपी के अनुसार सारिफ ने उसके बाल पकड़कर उसे घर के बाहर घसीटा और मकान को लेकर अपमानजनक बातें कहीं। इसी अपमान से आक्रोशित होकर उसने अपने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपी ने अपने परिचित अमन और जीशान को मौके पर बुलाया और तीनों ने मिलकर सारिफ के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आम के बाग में फेंक दी थी ईंट
आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद उसने वारदात में इस्तेमाल ईंट को उठाकर पास के आम के बाग में फेंक दिया था और मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर ईंट बरामद कर ली है। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ है कि अमन पुत्र इकबाल और जीशान पुत्र लल्लन शाह ने भी मृतक के सिर पर उसी ईंट से बारी-बारी से प्रहार किए थे।
जीशान पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
फरीदपुर इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि आरोपी जीशान के खिलाफ फरीदपुर थाने में लूट और चोरी समेत कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं हत्या के इस मामले में फैजान, अमन और जीशान तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, उपनिरीक्षक रविन्द्र कुमार, उपनिरीक्षक जसवीर सिंह और कांस्टेबल भानू चौधरी शामिल रहे।