बरेली। खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर अपहरण, मारपीट और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले शातिर गिरोह का बहेड़ी पुलिस ने खुलासा करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पीड़ित का अपहरण किया और उसे बंधक बनाकर मारपीट की और डर दिखाकर ऑनलाइन व नकद रकम वसूल ली।
थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरा निवासी अशफाक अहमद ने शनिवार को थाना बहेड़ी में तहरीर देकर बताया था कि कुछ लोगों ने उनकी कार रोककर जबरन गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए गाली-गलौच कर मारपीट की और 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। बहेड़ी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी। रविवार देर रात मुडिया रोड पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी जहीर, सन्नी अरोरा और सुमंत यादव आपस में मित्र हैं और आर्थिक लाभ के लालच में उन्होंने यह पूरी साजिश रची थी।
बातचीत के बहाने बुलाया, फिर कर लिया अपहरण
आरोपी जहीर पहले से ही पीड़ित अशफाक का परिचित था। रुपयों की जरूरत पड़ने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण और फिरौती की योजना बनाई। योजना के तहत अशफाक को बातचीत के बहाने खेत के पास बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद अन्य आरोपियों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर दबिश का नाटक किया। इसके बाद पीड़ित को धमकाया गया, मारपीट की गई और वाहन में बैठाकर ले जाया गया। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पहले 50 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में चार लाख रुपये में समझौता करने की बात तय हुई। इस दौरान पीड़ित का मोबाइल और कार भी कब्जे में ले ली गई। आरोपियों ने उसका यूपीआई पिन हासिल कर फोनपे और अन्य माध्यमों से करीब 78 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए, जबकि छह हजार रुपये नकद भी वसूले गए।
ये आरोपी गिरफ्तार, बाकी तलाश में जुटी पुलिस
इस वारदात में मोहित, प्रिंस और एक अज्ञात महिला समेत अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार, तीन मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में जहीर निवासी सिमरा बहेड़ी, सन्नी अरोरा निवासी पंत कॉलोनी किच्छा और सुमंत यादव निवासी किशनपुर किच्छा शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बहेड़ी पुलिस की इस कार्रवाई से फर्जी अफसर बनकर लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।