बरेली। शीशगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार सुबह गन्ने के खेत में सिंचाई के दौरान इंजन के पहिए में साड़ी फंसने से एक महिला की मौत हो गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि बेटा और पति कुछ समझ पाते, उससे पहले महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
थाना क्षेत्र के गांव सहोड़ा निवासी खिल्लो देवी पत्नी ईशुरी प्रसाद रविवार सुबह अपने बेटे जयदेव के साथ खेत में पानी लगाने गई थीं। परिवार गन्ने की फसल की सिंचाई के लिए इंजन चला रहा था। इसी दौरान जयदेव इंजन में तेल डाल रहा था और खिल्लो देवी इंजन के पास खड़ी थीं। तभी अचानक तेज हवा का झोंका आया और उनकी साड़ी का पल्लू इंजन के घूमते हुए व्हील में फंस गया।
देखते ही देखते हुआ बड़ा हादसा
साड़ी पहिए में फंसते ही महिला संतुलन खो बैठीं और इंजन की चपेट में आ गईं। घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद बेटा उन्हें बचाने का मौका तक नहीं पा सका। शोर सुनकर पति और आसपास मौजूद लोग दौड़े, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। किसी तरह इंजन बंद कर उन्हें बाहर निकाला गया।
अस्पतालों के चक्कर, नहीं बच सकी जान
परिजन आनन-फानन में घायल महिला को शीशगढ़ के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने हालत बेहद गंभीर बताते हुए इलाज करने से मना कर दिया। इसके बाद परिवार उन्हें फतेहगंज पश्चिमी स्थित राजश्री मेडिकल कॉलेज ले गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतका के पति ईशुरी प्रसाद ने बताया कि हादसा सुबह करीब आठ बजे हुआ। खिल्लो देवी परिवार की जिम्मेदार महिला थीं और खेती-बाड़ी के काम में हमेशा हाथ बंटाती थीं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतका अपने पीछे तीन बेटे और तीन बेटियां छोड़ गई हैं। सभी बच्चे विवाहित हैं, लेकिन मां के अचानक चले जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। गांव में भी दिनभर शोक और मातम का माहौल बना रहा।