बरेली। अपने ढाई साल के मासूम बेटे को वापस पाने की जिद में एक विवाहिता सोमवार को नवाबगंज तहसील परिसर स्थित पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि उसका पति जबरन बच्चे को अपने साथ ले गया है और कई शिकायतों के बावजूद स्थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही। महिला के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
टंकी पर चढ़ी महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति करीब ढाई साल के बेटे को अपने साथ ले गया है। बेटे को वापस दिलाने की मांग को लेकर वह कई बार पुलिस के पास पहुंची, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। महिला का कहना था कि लगातार अनदेखी और लापरवाही से परेशान होकर उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
टंकी के नीचे जुटी भीड़, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया। टंकी के नीचे मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं और हर कोई महिला को सुरक्षित नीचे उतरते देखने की दुआ करता रहा। करीब लंबे मान-मनौव्वल के बाद महिला नीचे उतरने को राजी हुई। हालांकि जमीन पर पहुंचते ही माहौल फिर गर्मा गया। महिला के परिजनों और कोतवाल के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही और शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। कुछ देर तक तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
तहसीलदार के आश्वासन पर थमा बवाल
मामला बढ़ता देख तहसीलदार अभिषेक तिवारी और नायब तहसीलदार शोभित चौधरी ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने महिला और उसके परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा बच्चे को वापस दिलाने के लिए कानूनी प्रयास किए जाएंगे। प्रशासन के आश्वासन के बाद महिला और उसके परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस महिला को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए अपने साथ थाने ले गई। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।