बरेली। शहर के विकास कार्यों में सुस्ती पर सोमवार को नगर निगम में मेयर डॉ उमेश गौतम की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक चली मैराथन समीक्षा बैठक में 430 विकास कार्यों की प्रगति पर बारीकी से मंथन हुआ। कई परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर मेयर ने अफसरों और अभियंताओं को जमकर फटकार लगाई। मेयर ने चेतावनी दी कि अब विकास कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान कच्ची गलियों के निर्माण की धीमी प्रगति पर महापौर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित जूनियर इंजीनियरों (जेई) को 18 जून तक वार्डवार रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया। साथ ही स्पष्ट कर दिया कि तय समयसीमा में कार्य पूरे न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जाए।
एनसीएपी, अवस्थापना निधि और वित्त आयोग के कार्यों पर सवाल
बैठक में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी), अवस्थापना निधि और 15वें वित्त आयोग की धनराशि से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। कई कार्यों में अनावश्यक देरी सामने आने पर महापौर ने नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी को निर्देश दिए कि सभी जेई से वार्डवार प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। महापौर ने लंबित टेंडरों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जून माह के अंत तक सभी प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया हर हाल में पूरी कर ली जाए, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और योजनाएं समय पर धरातल पर उतर सकें।
बरसात से पहले नालों पर फोकस, लापरवाही पर होगी जवाबदेही
नाला निर्माण और जलनिकासी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात से पहले सभी प्रमुख नाला निर्माण कार्य पूरे करा लिए जाएं। जहां निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या से जनता को परेशान नहीं होने दिया जाएगा और किसी भी स्तर की लापरवाही पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में सहायक अभियंताओं (एई) और जूनियर इंजीनियरों (जेई) की कार्यशैली भी चर्चा के केंद्र में रही। महापौर ने कहा कि जिन अधिकारियों की वजह से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है और इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
दिसंबर 2026 तक सभी कच्ची गलियां होंगी पक्की
महापौर डॉ. उमेश गौतम ने बताया कि नगर निगम ने दिसंबर 2026 तक शहर की सभी कच्ची गलियों को पक्का करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा और उसी के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से काम कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों सुनिश्चित की जाएंगी। शहर के विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरे हों, इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। दिसंबर 2026 तक शहर की सभी कच्ची गलियों को पक्का करने का लक्ष्य है। जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जाएगा।