महिलाडीआईजी अजय कुमार साहनी और मिशन शक्ति सहायता केंद्र पर तैनात पुलिस

बरेली कांवड़ यात्रा में लाखों शिवभक्तों की भीड़ के बीच महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बरेली रेंज पुलिस ने इस बार खास इंतजाम किए हैं। पहली बार बड़े स्तर पर मिशन शक्ति सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां महिला कांवड़ियों को सुरक्षा, सहायता और त्वरित पुलिस मदद एक ही जगह मिलेगी। बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में अब तक 49 मिशन शक्ति सहायता केंद्र शुरू हो चुके हैं, जबकि कुल 82 केंद्र संचालित करने की तैयारी है।

डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि यात्रा के दौरान महिला श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी होने पर इन सहायता केंद्रों से तत्काल मदद मिलेगी। छेड़छाड़, अभद्रता या उत्पीड़न की शिकायत पर तुरंत पुलिस कार्रवाई होगी, जबकि खोई हुई महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित परिजनों से मिलाने की जिम्मेदारी भी यही केंद्र निभाएंगे।

जनपद-वार क्रियाशील एवं प्रस्तावित केंद्रों का विवरण

  • बरेली: 20 स्थापित (29 प्रस्तावित)
  • बदायूं: 09 स्थापित (21 प्रस्तावित)
  • शाहजहांपुर: 12 स्थापित (23 प्रस्तावित)
  • पीलीभीत: 08 स्थापित (09 प्रस्तावित)
महिला, mahila
केंद्र पर तैनात पुलिस फोर्स

महिला पुलिस की तैनाती, हर संवेदनशील स्थान पर पैनी नजर

मिशन शक्ति सहायता केंद्रों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। महिला हेल्पलाइन 112, 1090 और 181 की जानकारी भी श्रद्धालुओं को दी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके। सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि महिला श्रद्धालुओं को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचाने में भी पुलिस सहयोग करेगी।

कांवड़ यात्रा के दौरान इन केंद्रों की प्रमुख भूमिका

  • त्वरित पुलिस सहायता: महिला कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा उनकी शिकायतों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करना।
  • उत्पीड़न पर सख्त एक्शन: संवेदनशील मार्गों पर छेड़खानी, अभद्रता या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की घटनाओं पर पुलिस तुरंत हस्तक्षेप करेगी।
  • परिजनों से मिलाना: भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में खोई हुई महिलाओं और बच्चों को ढूंढकर सुरक्षित उनके परिजनों से मिलवाना।
  • हेल्पलाइन व साइबर सुरक्षा: महिला हेल्पलाइन (112, 1090, 181) व आपातकालीन सेवाओं की जानकारी देना तथा महिलाओं को साइबर अपराध व सोशल मीडिया ठगी के प्रति जागरूक करना।
  • संवेदनशील स्थलों पर गश्त: महिला पुलिस कर्मियों के सहयोग से मुख्य कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर लगातार गश्त व विशेष निगरानी रखना।
  • चिकित्सा व विश्राम: आवश्यकता पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा, विश्राम स्थल तथा यातायात व जनसुरक्षा संबंधी आवश्यक सुझाव उपलब्ध कराना।
महिला, mahila
केंद्र पर तैनात पुलिस फोर्स

चार जिलों में ऐसे फैला मिशन शक्ति नेटवर्क

बरेली रेंज के चारों जिलों में मिशन शक्ति सहायता केंद्र तेजी से स्थापित किए जा रहे हैं। बरेली में 20, बदायूं में 9, शाहजहांपुर में 12 और पीलीभीत में 8 केंद्र फिलहाल संचालित हैं। पुलिस का लक्ष्य जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 82 करना है, ताकि कांवड़ यात्रा के पूरे रूट पर महिला श्रद्धालुओं को हर जरूरी मदद समय पर मिल सके।

डीआईजी अजय कुमार साहनी का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान महिला सुरक्षा, त्वरित सहायता और श्रद्धालुओं की निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से मिशन शक्ति सहायता केंद्रों को लगातार सक्रिय और सशक्त बनाया जा रहा है।

डीआईजी के सख्त निर्देश- कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा में ढिलाई किसी भी हाल में नहीं की जाएगी बर्दाश्त

डीआईजी ने अजय कुमार साहनी ने स्पष्ट सख्त निर्देश दिए हैं कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस प्रशासन आम जनमानस और शिवभक्तों की निर्बाध व सुरक्षित यात्रा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *