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नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने देश के युवाओं खासकर Gen-Z से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की अपील की।

93 पेपर लीक ने 6 करोड़ युवाओं का भविष्य बर्बाद किया

केजरीवाल ने दावा किया कि 2014 से अब तक देश में 93 पेपर लीक हो चुके हैं और इससे करीब 6 करोड़ युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा पेपर लीक राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में हुए, जहां बीजेपी या एनडीए की सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि हर बार जांच CBI को सौंप दी जाती है, कुछ गिरफ्तारियां होती हैं और फिर आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं। उनके मुताबिक, “हर साल वही स्क्रिप्ट दोहराई जा रही है और असली मास्टरमाइंड कानून से बच निकलते हैं।”

CBI पर भी उठाए सवाल

AAP प्रमुख ने CBI की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 2024 के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन समय पर चार्जशीट दाखिल न होने के कारण उसे जमानत मिल गई। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि एजेंसियां उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर पा रहीं, जिन पर पेपर लीक कराने का शक है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई चाहता है।

नेपाल-बांग्लादेश की तरह युवा बदलाव ला सकते हैं

अपने बयान में केजरीवाल ने नेपाल और बांग्लादेश के युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वहां की Gen-Z सरकार बदल सकती है तो भारत के युवा पेपर लीक माफिया और दोषियों को जेल भी भिजवा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि अगर अब भी आवाज नहीं उठाई गई तो आने वाले वर्षों में भी परीक्षाओं के पेपर लीक होते रहेंगे और मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य लगातार दांव पर लगता रहेगा।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

NEET पेपर लीक मुद्दे पर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इस बीच छात्रों और अभिभावकों में भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

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