बरेली। देवबंद का नाम बदलकर देववृंद किए जाने की मांग को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शहरों और कस्बों के नाम बदलने से वहां रहने वाले लोगों की जिंदगी नहीं बदलती। असली जरूरत रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की है, जिस पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि नाम बदलने की राजनीति से न तो बेरोजगार युवाओं को नौकरी मिलेगी और न ही गरीबों की आर्थिक परेशानियां दूर होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए और छोटे-बड़े उद्योग स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना था कि जब उद्योग लगेंगे तो युवाओं को रोजगार मिलेगा और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
गरीबी और किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाया
मौलाना ने कहा कि आज भी प्रदेश और देश में कई परिवार गरीबी और भूख से जूझ रहे हैं। उन्होंने शाहजहांपुर और बरेली के मीरगंज क्षेत्र की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी और परेशानियों के कारण लोग आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और सरकार को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है और गांवों में रोजगार के साधनों की कमी बनी हुई है। अगर किसानों और मजदूरों की स्थिति मजबूत होगी तभी देश का वास्तविक विकास संभव हो सकेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बताया सबसे बड़ी जरूरत
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि देश में अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि गांव और कस्बों में अच्छे अस्पताल, स्कूल और रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि आम आदमी की जिंदगी बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी योजनाओं पर काम करना चाहिए जिससे गरीब परिवारों को राहत मिले और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। उनके मुताबिक, विकास कार्यों से समाज आगे बढ़ता है, केवल नाम बदलने से नहीं।
नाम बदलने की राजनीति पर उठाए सवाल
मौलाना ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सिर्फ नाम बदल देने से किसी गरीब का घर चल जाएगा या किसी बेरोजगार को नौकरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज में वास्तविक बदलाव काम करने से आता है, केवल नाम बदलने से नहीं। उनके अनुसार सरकार को देश की मूल समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए, तभी जनता को राहत मिल सकेगी।