मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गुरुवार सुबह पुलिस और कुख्यात बावरिया गैंग के बीच हुई मुठभेड़ में दो इनामी बदमाश ढेर हो गए। दोनों अपराधी 23 अप्रैल को कारोबारी अजय अग्रवाल के घर हुई सनसनीखेज डकैती में शामिल थे, जहां पूरे परिवार को बंधक बनाकर घंटों तक लूटपाट की गई थी। पुलिस ने दोनों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यमुना एक्सप्रेसवे के पास हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
कारोबारी के घर में ढाई घंटे तक मचाया था आतंक
23 अप्रैल की रात मथुरा के कारोबारी अजय अग्रवाल के घर हुई डकैती ने पूरे शहर को दहला दिया था। पुलिस के मुताबिक बावरिया गैंग के बदमाश देर रात छत के रास्ते घर में घुसे थे। घर में दाखिल होते ही बदमाशों ने कारोबारी अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और छह साल की मासूम बच्ची को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया। डकैतों ने परिवार के सभी लोगों के हाथ-पैर रस्सियों से बांध दिए और फिर पूरे घर में खुलकर लूटपाट शुरू कर दी। बदमाश करीब ढाई घंटे तक घर के अंदर रहे। इस दौरान उन्होंने लॉकर खुलवाए, नकदी और जेवरात समेटे और परिवार को लगातार धमकाते रहे। जाते-जाते बदमाश पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद मथुरा समेत आसपास के जिलों में दहशत फैल गई थी। व्यापारियों में भारी आक्रोश था और पुलिस पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था।
17 पुलिस टीमों को लगाया गया तलाश में
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए 17 अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया था। एसओजी, स्वाट टीम और सर्विलांस यूनिट लगातार बदमाशों की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र के जरिए बावरिया गैंग के नेटवर्क को खंगालना शुरू किया। कई राज्यों में पुलिस ने दबिश दी। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली में भी सक्रिय थे।
यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने घेर लिया
गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि डकैती में शामिल दो बदमाश यमुना एक्सप्रेसवे के पास देखे गए हैं। सूचना मिलते ही स्वाट टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पूरे इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी गई। सुबह करीब सात बजे पुलिस को बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन दोनों बदमाश तेजी से बाइक मोड़कर भागने लगे। भागने के दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई।
बदमाशों ने पुलिस पर शुरू कर दी फायरिंग
पुलिस के मुताबिक बाइक गिरते ही दोनों बदमाशों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय को गोली लग गई। दोनों घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मुकदमे
मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले थे और लंबे समय से बावरिया गिरोह से जुड़े हुए थे। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि धर्मवीर पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती समेत 16 मुकदमे दर्ज थे। वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर मथुरा, मेरठ, फिरोजाबाद, दिल्ली और हरियाणा में 11 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
एनकाउंटर के बाद यमुना एक्सप्रेसवे और आसपास के इलाकों में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बावरिया गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश अभी भी जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद व्यापारियों ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डकैती की घटना के बाद इलाके में भय का माहौल था, लेकिन एनकाउंटर के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
बावरिया गैंग का नाम सुनते ही कांपते हैं लोग
बावरिया गैंग लंबे समय से उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय माना जाता है। यह गिरोह सुनसान इलाकों और कारोबारी परिवारों को निशाना बनाकर डकैती, लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देता रहा है। पुलिस रिकॉर्ड में इस गैंग के कई सदस्य बेहद शातिर अपराधी माने जाते हैं। मथुरा पुलिस का कहना है कि इस एनकाउंटर के बाद गिरोह की कमर टूट गई है, लेकिन बाकी फरार बदमाशों की तलाश अभी जारी है।